विश्व धरोहर सप्ताह का विरासत चित्र प्रदर्शनी के साथ समापन

विश्व धरोहर सप्ताह का विरासत चित्र प्रदर्शनी के साथ समापन
  • विद्यार्थियों ने किया सहारनपुर की विरासत से साक्षात्कार

गंगोह [24CN]। आजादी के अमृत महोत्सव की श्रृंखला में शोभित विश्वविद्यालय, गंगोह के विरासत यूनिवर्सिटी हेरीटेज सेंटर द्वारा विश्व धरोहर सप्ताह के अंतर्गत सहारनपुर की विरासत के चित्रों पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। चित्रों के माध्यम से सहारनपुर जनपद की पुरातन संस्कृति, ऐतिहासिक इमारतों और विविध विषय आधारित चित्रों को प्रस्तुत किया गया। विरासत चित्र प्रदर्शनी में जनपद के कई स्कूलों विद्यार्थियों ने भाग लेकर गौरवानुभूति की। विद्यार्थियों ने जाना कि हमारा जनपद सहारनपुर सांस्कृतिक दृष्टिकोण से कितना समृद्ध है।

शोभित विश्वविद्यालय के प्रांगण में ‘सहारनपुर की विरासत से साक्षात्कार’ शीर्षक से आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन विश्वविद्यालय के केयर टेकर सूफी जहीर अख्तर और कुल सचिव डाॅ महिपाल सिंह ने किया। इसके बाद जनपद के विभिन्न स्कूलों और विश्विविद्यालय के विभिन्न विभागों से आए विद्यार्थियों ने चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। सहारनपुर जनपद के विभिन्न स्थलों के चित्रों ने विद्यार्थियों को रोमांचित भी किया और प्रेरित भी किया। इस अवसर पर विरासत यूनिवर्सिटी हेरिटेज रिसर्च सेंटर के समन्वयक राजीव उपाध्याय यायावर ने कहा कि सहारनपुर का इतिहास बेहद समृद्ध है। यहां की संस्कृति गौरवपूर्ण है, यदि हम ही अपनी संस्कृति से प्रेम नहीं करेंगे तो कौन करेगा।

सहारनपुर के चित्रों पर आधारित यह चित्र प्रदर्शनी एक प्रकार से जनपद के विद्यार्थियों के बीच स्थानीय संस्कृति के बीजारोपण का प्रयास है। विवि केयर टेकर सूफी जहीर अख्तर ने कहा कि हमारी जड़ें ही हमारी पहचान हैं, यह प्रयास जड़ों को सिंचित करने का प्रयास है। इस प्रकार के प्रयास हमारे बच्चों को भविष्य की राह दिखाएंगे। कुल सचित डाॅ महीपाल सिंह ने कहा कि अपने इतिहास को जानना हमारे लिए उतना ही आवश्यक है जितना हमारे लिए हमारा अस्तित्व। यदि मानव को अपना अस्तित्व बचाना है तो उसे इतिहास से ही सीख कर आगे बढ़ना होगा। स्कूल आॅफ एजूकेशन के विभागाध्यक्ष डाॅ प्रशांत सांगवान ने कहा कि स्थानीय इतिहास को बचाना बेहद आवश्यक है। स्थानीय इतिहास ही समृद्ध होते-होते व्यापक रूप में राष्ट्रीय इतिहास में परिणत होता है।

विरासत चित्र प्रदर्शनी में माॅ शाकुम्भरी देवी, दारूल उलूम, सरसावा का प्राचीन टीला, सौराना का पांडव वाला तालाब, रणदेवा का प्यारे जी महाराज का मंदिर, गंगोह का बाबा हरिदास का मंदिर, हजरत कुतबे आलम की दरगाह, सेंट थाॅमस चर्च, सहारनपुर की जामा मस्जिद, रशीदिया मस्जिद, पटनी की बावड़ी, बरसी महादेव मंदिर, भूतेश्वर महादेव मंदिर, बागेश्वर महादेव मंदिर, कोटा के भित्तिचित्र, देवबंद के महाप्रभु हित हरिवंश मंदिर, शहीद स्मारण, गांधी पार्क, कम्पनी गार्डन, पुरातत्व से जुड़े अवशेष आदि अनेक चित्रों को प्रदर्शित किया गया।

कार्यक्रम की सफलता में शिक्षा विभाग के विद्यार्थियों की सक्रिय भूमिका रही। विरासत प्रदर्शनी में नवजनोदय इंटर काॅलेज, सुलतानपुर, एनडी पब्लिक स्कूल, गंगोह के विद्यार्थियों एवं एरोन एजूकेशन वेलफेयर सोसायटी ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर श्याम कुमार सैनी, अरविंद शर्मा, डाॅ तरूण शर्मा, डाॅ दिव्या शर्मा, डाॅ ओपी वर्मा, डाॅ मदन कौशिक, डाॅ एसके पाठक, डाॅ जितेंद्र राणा, डाॅ एसके गुप्ता, डाॅ भारद्वाज, डाॅ विनोद यादव, बलराम टोंक, जसबीर सिंह, गौरव मित्तल, विनोद राठी आदि उपस्थित रहे। प्रदर्शनी में निशा पांचाल, पारूल पंवार, दिव्या सैनी, आंचल सैनी, दीपक नामदेव, सत्यम, हिमांशु, गौरव आदि ने सहयोग किया।


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