सड़क निर्माण के लिए जिलाधिकारी से मिले मोहम्मदपुर ग्रंट के ग्रामीण
बिहारीगढ़। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे से लेकर मोहम्मदपुर ग्रंट तक करीब 4 किलोमीटर लंबा सड़क मार्ग नेशनल हाईवे अथॉरिटी के ठेकेदारों ने ओवरलोड मिट्टी के डंपर चलाकर 2 साल पहले क्षतिग्रस्त कर दिया था, ग्रामीणों के विरोध के चलते उस वक्त आश्वासन दिया गया था कि क्षतिग्रस्त सड़क का निर्माण दोबारा कराकर देंगे, लेकिन नेशनल हाईवे के ठेकेदार और कार्यदाई संस्था अपने वायदे से मुकर गई। नतीजतन ग्रामीण और स्कूली बच्चे पक्की सड़क की बजाय गड्ढों से होकर गुजर रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि दो साल से करीब आधा दर्जन गांवों के लोग टूटी हुई सड़क पर चलने को मजबूर हैं। आज बुधवार को भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह राणा के नेतृत्व में मोहम्मदपुर ग्रंट के ग्रामीण जिलाधिकारी सहारनपुर अरविंद सिंह से मिले और क्षतिग्रस्त हो चुकी सड़क को दोबारा मरम्मत कराकर ग्रामीणों की समस्या दूर कराने की मांग की। इन ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि वर्ष 2022-23 में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के द्वारा सड़क का निर्माण किया गया था, उसके तुरंत बाद नेशनल हाईवे संख्या 307 का निर्माण कार्य शुरू हुआ तब इसी रास्ते से निर्माण कंपनी के ठेकेदारों ने खेतों की मिट्टी का ओवरलोड तरीके से दिन-रात ढुलान किया, उस वक्त ग्रामीण इसका विरोध किया तो कई बार पुलिस ने भी ग्रामीणों की सुध लेने की बजाय मिट्टी ठेकेदारों का ही पक्ष लिया और डरा धमकाकर खूब मिट्टी ढुलान कराई।
ग्रामीणों ने बताया कि ओवरलोड मिट्टी ढुलान के कारण अमानतगढ़ से लेकर ग्राम तकीपुर और मोहम्मदपुर ग्रंट तक गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़क का नामोनिशान ही नहीं बचा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से सम्बंधित अधिकारी भी अब इस सड़क के नाम पर फूटी कोड़ी भी खर्च करने को तैयार नहीं है, जिसकी वजह से स्कूली बच्चे एवं तमाम ग्रामीण गड्ढों से होकर सफर करने को मजबूर है। जिलाधिकारी सहारनपुर ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि सड़क की समस्या जल्दी ही दूर कराई जाएगी। इस मौके पर मुख्य रूप से नरेश काम्बोज, रजनीश कुमार, हनी काम्बोज, चरण सिंह, मास्टर देवेंद्र कुमार, सचिन काम्बोज आदि मौजूद रहे।
