कोरोना वायरस को लेकर किया गया जनता कर्फ्यू देवबंद में पुरी तरह रहा सफल

 
DEOBAND 2
  • रविवार को देवबंद में ऐतिहासिक दिन रहा जिसमें नगर की कोई भी छोटी या बडी दुकान नही खुली
  • नगर के कई प्रमुख मन्दिरों सहित काफी संख्या में श्रद्धालूओं के लिये मन्दिर बन्द रहे।

देवबंद: देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा केारोना वायरस से बचाव हेतू किये गये रविवार को जनता कर्फ्यू के आहवान का नगरवासियों का पूर्ण समर्थन रहा। हालाकि रविवार को देवबंद मंे साप्ताकि बंदी का दिन होता है लेकिन उसके बावजूद भी बहुत दुकाने खुली रहती है। खासतौर पर मीट की दुकाने, खाने पीने के होटल, रेस्टोरेन्ट आदि खुले रहते है लेकिन अपने आप में 22 मार्च का रविवार एक एसा ऐतिहासिक दिन रहा जिसमें नगर की कोई भी छोटी या बडी दुकान खुली नजर नही आई।

विश्वविख्यात दारूलउलूम के चारों गेट बंद कर दिये गये और छात्रों को अपने कमरो में रहने की हिदायत दी गई, वही नगर के कई प्रमुख मन्दिरों सहित काफी संख्या में मन्दिर श्रद्धालूओं के लिये बन्द रहे। 22 मार्च को जनता कफर््यू को पुरी तरह सफल बनाने के लिये या यूं कहे कि कोरोना जैसे वायरस से खुद को बचाने के लिये लोगों ने बढ चढ कर इस बंद को अपना समर्थन दिया और बंद अभूतपूर्व रूप से बंद सफल रहा।

बात यदि नगर के बाजारों की करें तो पूरी तरह सुनसान पडे दिखाई दिये सडकों पर भी वही कुछ लोग दिखाई दिये जिनके कुछ आवश्यक काम थे या फिर जिन्हे किसी भी प्रकार के मेडिकल सहायता की जरूरत थी। नगर के दारूलउलूम सहित सभी मदरसे भी बंद रहे, दारूलउलूम का पूरा क्षेत्र जंहा 24सो घंटो चहल पहल रहती है वंहा पर भी पूरी तरह से सन्नाटा ही रहा। हां इतना अवश्य था कि मस्जिदों में छात्र आते जाते दिखाई दिये। बंद को पूरी तरह सफल बनाने के लिये पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी शनिवार की शाम से ही सक्रिय हो गये थे और रविवार के दिन भी मुस्तैद रहे। यदि किसी गली मौहल्ले मे दो चार युवक खडे भी दिखाई दिये तो पुलिस ने उन्हे फटकार लगाकर भगा दिया।

जनपद में हालांकि अधिकारीक तौर पर आज तक भी कोरोना के किसी मरीज की पुष्टि नही हुई लेकिन सारी व्यवस्थाओं को दरकिनार कर अगर बात जिम्मेदारी की जाये तो लोगों ने स्वंय अपने मन से ही जनता कर्फ्यू को सफल बनाना उचित समझा और इसी के चलते नगर व क्षेत्र में जनता कर्फ्यू पुरी तरह सफल रहा। लोग सरकार द्वारा दी गई हिदायतो पर भी अमल करते दिखाई दिये कई शादी समरोह को बहुत छोटे समारोह में तब्दील कर दिया गया लोग हाथ मिलाने से भी गुरेज कर रहे है और बडी तादाद में मास्क का भी उपयोग कर रहे है।

 
 
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