टिड्डियों को नियंत्रित करने के लिए चलाया जा रहा अभियान, कई दलों को हरियाणा, उप्र में किया गया तैनात

 

नई दिल्लीः  पाकिस्तान से आए टिड्डियों के दल ने पूरे देशभर में फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही किसानों और सरकारों की चिंताएं बढ़ा दी है। इसी को लेकर शनिवार को केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई।

मंत्रालय ने कहा कि राजस्थान से और दलों को हरियाणा और उत्तर प्रदेश में इन्हें रोकने के लिए चल रहे अभियान में तैनात किया गया है। टिड्डियों का दल दिन भर उड़ता रहता है और शाम को अंधेरा होने के बाद ही रुकता है। जमीन पर उन्हें नियंत्रित करने के लिए दल लगातार उनपर नजर बनाए हुए हैं और जब एक बार वो रुक जाएंगी तो उन्हें काबू में करने के लिए बड़ा अभियान चलाया जाएगा।

मंत्रालय ने कहा कि इस संदर्भ में उत्तर प्रदेश में नियंत्रण दलों को सतर्क कर दिया गया है। राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में उन्हें नियंत्रित करने के लिए अभियान चल रहा है। राजस्थान से कुछ और नियंत्रण दलों को हरियाणा और उत्तर प्रदेश में टिड्डी नियंत्रण कार्यों में मदद करने के लिए भेजा जा चुका है। इसमें कहा गया कि झुंझुनू में 26 जून की सुबह टिड्डी दल देखा गया था और टिड्डियों को खत्म करने के लिए नियंत्रण दलों को तैनात किया गया था। बचे हुए टिड्डे 26 जून की शाम को फिर इकट्ठा हुए और हरियाणा में रेवाड़ी पहुंच गए जहां कल से शनिवार सुबह तक उन्हें नियंत्रण करने के काम चल रहा था।

बयान में कहा गया कि बचे हुए टिड्डे फिर एकत्र होकर तीन समूहों में विभाजित हो गए, जिनमें से एक गुरुग्राम की ओर चला गया, और वहां से फरीदाबाद और बाद में उत्तर प्रदेश की तरफ चला गया। मंत्रालय के मुताबिक, टिड्डों का एक और दल दिल्ली में द्वारका की तरफ बढ़ गया, वहां से दौलताबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और यह झुंड उत्तर प्रदेश में भी प्रवेश कर गया। वहीं टिड्डियों के तीसरे दल को पलवल (हरियाणा) में देखा गया और यह भी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ गया। बयान में कहा गया कि अब तक, किसी भी शहर में कोई टिड्डियां नहीं देखी गई हैं। मंत्रालय ने कहा कि राजस्थान, हरियाणा और उप्र के राज्य कृषि विभागों, स्थानीय प्रशासनों और केंद्रीय टिड्डी चेतावनी संगठन के अधिकारियों के दलों द्वारा टिड्डियों के झुंडों के सभी समूहों पर नजर रखी जा रही है और नियंत्रण कार्य जारी है।
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केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने जानकारी देते हुए कहा, ‘राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, पंजाब और महाराष्ट्र राज्यों में टिड्डी नियंत्रण अभियान चल रहा है। टिड्डी सर्कल कार्यालयों की कुल 60 ग्राउंड कंट्रोल टीमों और 12 ड्रोनों का उपयोग टिड्डी नियंत्रण कार्यों के लिए किया जा रहा है।’मंत्रालय की तरफ से यह भी बताया गया कि प्रोटोकॉल को अंतिम रूप देने और सभी वैधानिक अनुमोदन प्राप्त करने के बाद ड्रोन का उपयोग करके टिड्डी को नियंत्रित करने वाला भारत पहला देश है। इसमें राजस्थान में प्रमुख संचालन केंद्रित हैं जहां अधिकतम संसाधन प्रतिबद्ध हैं।

 
 

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