बागी अदिति सिंह को कांग्रेस ने किया निलंबित, महिला विंग के पदाधिकारी पद से भी हटाया

 

 

  • अदिति सिंह ने बस पॉलिटिक्स को लेकर अपनी ही पार्टी को बनाया था निशाना
  • रायबरेली के सदर से कांग्रेस की विधायक हैं अदिति सिंह
  • कांग्रेस पर लगाया था निम्न सियासत करने का आरोप
  • अपनी ही पार्टी को बताया था फर्जीवाड़ा पार्टी, कांग्रेस ने दिया नोटिस
  • पहले भी विधानसभा में कांग्रेस के खिलाफ जाने पर अदिति को मिल चुका है नोटिस

रायबरेली
उत्तर प्रदेश के रायबरेली से सदर विधायक अदिति सिंह को कांग्रेस ने पार्टी से निलंबित कर दिया है। वह कांग्रेस में महिला विंग की महासचिव भी थीं। पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया है। पार्टी के इस फैसले पर अदिति सिंह ने कहा कि वह फैसले का स्वागत करती हैं। एक दिन पहले ही अदिति ने कांग्रेस और बीजेपी के बीच चल रह बस पॉलिटिक्स में ट्वीट करके अपनी ही पार्टी को निशाने पर लिया था।

अदिति सिंह पर कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधियां करने का आरोप लगाया है। अदिति सिंह को पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। फिलहाल वह पार्टी और पार्टी के महिला विंग के पदाधिकारी के पद से निलंबित रहेंगीं।

आपको बता दें कि यूपी सरकार और प्रियंका गांधी के बीच चल रही बस पॉलिटिक्स को लेकर कांग्रेस की विधायक (Congress MLA) और गांधी परिवार की बेहद नजदीकी मानी जाने वाली अदिति सिंह (Aditi singh) कांग्रेस (Congress) पर बरसी थीं। उन्होंने कहा था कि अगर बसें हैं तो राजस्थान, पंजाब और महाराष्ट्र में क्यों नहीं लगाईं? उन्होंने कांग्रेस को ही कहा है कि इस कोरोना के इस संकट की घड़ी में निम्न सियासत न करें।

निम्न सियासत की क्या जरूरत?’

अदिति सिंह ने ट्वीट किया था, ‘आपदा के वक्त ऐसी निम्न सियासत की क्या जरूरत? एक हजार बसों की सूची भेजी, उसमें भी आधी से ज्यादा बसों का फर्जीवाड़ा, 297 कबाड़ बसें, 98 आटो रिक्शा व ऐबुंलेंस जैसी गाड़ियां, 68 वाहन बिना कागजात के, यह कैसा क्रूर मजाक है, अगर बसें थीं तो राजस्थान (Rajasthan),पंजाब (Punjab), महाराष्ट्र (Maharashtra) में क्यूं नहीं लगाई?’

अदिति ने दूसरे ट्वीट में लिखा था, ‘कोटा में जब यूपी के हजारों बच्चे फंसे थे तब कहां थीं ये तथाकथित बसें। तब कांग्रेस सरकार इन बच्चों को घर तक तो छोड़िए, बॉर्डर तक ना छोड़ पाई, तब योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) जी ने रातों रात बसें लगाकर इन बच्चों को घर पहुंचाया, खुद राजस्थान के सीएम ने भी इसकी तारीफ की थी।’

 
 

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