देवबंद पुलिस ने किया गैस सिलेंडर चोरी की घटनाओं का खुलासा, हिस्ट्रीशीटर समेत दो गिरफ्तार
28 गैस सिलेंडर, तीन गैस चूल्हे और चोरी में प्रयुक्त बोलेरो गाड़ी बरामद, आरोपियों को भेजा जेल
सहारनपुर। थाना देवबंद पुलिस ने गैस सिलेंडर चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए एक हिस्ट्रीशीटर समेत दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर चोरी किए गए 28 इंडेन गैस सिलेंडर, तीन गैस चूल्हे तथा वारदात में प्रयुक्त बोलेरो गाड़ी बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया है।
मुखबिर की सूचना पर मंगलौर रोड से हुई गिरफ्तारी
पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों को जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मयंक पाठक ने बताया कि देवबंद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संदीप बालियान के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अवधेश कुमार और अरुण कुमार की टीम चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने मंगलौर रोड पर ग्राम गंगदासपुर जाने वाले रास्ते से दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान फिरोज पुत्र अनीस निवासी ग्राम सांवतखेड़ी, थाना बड़गांव तथा फुरकान पुत्र आस मोहम्मद निवासी मोहल्ला आशियाना कॉलोनी, थाना लिसाड़ी गेट, जनपद मेरठ के रूप में हुई है। फुरकान वर्तमान में देवबंद के मोहल्ला गुर्जरवाड़ा में जीतगिरि मंदिर के सामने रह रहा था।
इंडेन गैस गोदाम को बनाया था निशाना
एसपी ग्रामीण मयंक पाठक के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि करीब पांच-छह दिन पहले उन्होंने देवबंद-रणखंडी रोड पर रणखंडी गांव से पहले जंगल में स्थित इंडेन गैस गोदाम में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।
आरोपियों ने गोदाम से 22 भरे हुए गैस सिलेंडर और चार गैस चूल्हे चोरी करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर कुल 28 इंडेन गैस सिलेंडर, तीन गैस चूल्हे और घटना में इस्तेमाल की गई बोलेरो गाड़ी बरामद करने का दावा किया है।
एक आरोपी पर दर्ज हैं करीब एक दर्जन मुकदमे
एसपी देहात ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। इनमें एक आरोपी थाना बड़गांव का प्रचलित हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ जनपद के विभिन्न थानों में अलग-अलग धाराओं के तहत करीब एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
