स्कूली बच्चों को ई-कचरा प्रबंधन के प्रति किया जागरूक, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
प्रधानाध्यापिका इंदु बेस बोलीं- खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को खुले में न फेंकें, अधिकृत केंद्रों पर जमा करें
सहारनपुर। इको क्लब मिशन लाइफ के तहत अक्टूबर माह की गतिविधि के अंतर्गत नागल ब्लॉक के ग्राम कुतुबपुर लबडौला स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में ई-कचरा प्रबंधन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं को ई-कचरे से होने वाले नुकसान और उसके उचित निस्तारण के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाध्यापिका इंदु बेस ने बताया कि घरों और स्कूलों में इस्तेमाल होने वाले खराब या बेकार इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ई-कचरे की श्रेणी में आते हैं। इनमें मोबाइल फोन, कंप्यूटर, लैपटॉप, टीवी, फ्रिज, बैटरी, चार्जर, बिजली के तार और इलेक्ट्रॉनिक खिलौने आदि शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में सीसा और पारा जैसे हानिकारक तत्व मौजूद होते हैं। इन्हें खुले में फेंकने से मिट्टी, पानी और हवा प्रदूषित हो सकते हैं। इसका दुष्प्रभाव पर्यावरण के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। इसलिए खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को खुले में फेंकने के बजाय उनका उचित निस्तारण करना जरूरी है।
ई-कचरे का सही संग्रहण और पुनर्चक्रण जरूरी
सहायक अध्यापक कृपाल मलिक ने विद्यार्थियों को ई-कचरे के बढ़ते दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने ई-कचरे के उचित संग्रहण, पृथक्करण और पुनर्चक्रण की प्रक्रिया को समझाते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक कचरे को इधर-उधर नहीं फेंकना चाहिए।
उन्होंने लोगों से अपील की कि खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अधिकृत ई-कचरा संग्रह केंद्रों पर जमा करें, ताकि उनका सुरक्षित तरीके से निस्तारण और पुनर्चक्रण किया जा सके।
चित्रों के माध्यम से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने ई-कचरा प्रबंधन से संबंधित चित्र बनाकर अपनी रचनात्मकता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का परिचय दिया। शिक्षकों ने बच्चों को घर और आसपास के लोगों को भी ई-कचरे के सुरक्षित निस्तारण के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
