भाकियू रक्षक ने उठाई गन्ना मूल्य 600 रुपये प्रति कुंतल करने की मांग, आंदोलन की चेतावनी

भाकियू रक्षक ने उठाई गन्ना मूल्य 600 रुपये प्रति कुंतल करने की मांग, आंदोलन की चेतावनी
सहारनपुर में मुख्यमंत्री के नाम सात सूत्रीय ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपते भारतीय किसान यूनियन (रक्षक) के पदाधिकारी और किसान।

नागल में ओवरब्रिज निर्माण और किसानों के बकाया गन्ना भुगतान समेत सात मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

सहारनपुर। भारतीय किसान यूनियन (रक्षक) ने किसानों, मजदूरों और व्यापारियों से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम सात सूत्रीय ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। संगठन ने नागल में स्टेट हाईवे पर ओवरब्रिज का निर्माण कराने, गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति कुंतल करने, किसानों का बकाया भुगतान कराने और सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटवाने सहित विभिन्न मांगें उठाईं। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

भारतीय किसान यूनियन (रक्षक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी वीरेंद्र सिंह औहलान के नेतृत्व में संगठन से जुड़े किसान जिला मुख्यालय पहुंचे। पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपते हुए कहा कि संगठन किसानों, व्यापारियों और मजदूरों के हितों के लिए काम कर रहा है। क्षेत्र की कई समस्याएं लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं, जिनका समाधान जरूरी है।

नागल में ओवरब्रिज निर्माण की मांग

संगठन ने नागल में स्टेट हाईवे पर यातायात की समस्या का हवाला देते हुए ओवरब्रिज निर्माण की मांग की। भाकियू रक्षक का कहना है कि क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाने और लोगों को परेशानी से बचाने के लिए ओवरब्रिज का निर्माण आवश्यक है।

गन्ना मूल्य 600 रुपये करने और बकाया भुगतान पर जोर

ज्ञापन में गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 600 रुपये प्रति कुंतल करने की मांग उठाई गई। इसके साथ ही नागल क्षेत्र के गंगनौली स्थित बजाज शुगर मिल पर किसानों के बकाया गन्ना भुगतान को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार जल्द से जल्द कराने की मांग की गई।

संगठन ने सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटवाने सहित अन्य जनसमस्याओं के समाधान की भी मांग की। पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से सभी सात सूत्रीय मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

मांगें नहीं मानीं तो होगा आंदोलन

भाकियू रक्षक ने चेतावनी दी कि यदि मांगों की अनदेखी की गई तो संगठन आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा। इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

इस दौरान जिलाध्यक्ष वीरेंद्र बतान, प्रदेशाध्यक्ष जितेंद्र कुमार, बिल्लू त्यागी, गजेंद्र, नौसरान, सुनील राणा, अमित ओहलान, मोहसिन, एहतेशाम, उदन सैनी और शीशपाल सैनी सहित बड़ी संख्या में संगठन से जुड़े किसान मौजूद रहे।

 

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