धूमधाम से संपन्न हुआ छह दिवसीय वार्षिक गजरथ महोत्सव, भव्य शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

धूमधाम से संपन्न हुआ छह दिवसीय वार्षिक गजरथ महोत्सव, भव्य शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

17 फुट ऊंचे स्वर्णमयी रथ पर विराजमान हुए श्री जिनेंद्र भगवान, आकर्षक झांकियों ने दिया अहिंसा और विश्व शांति का संदेश

सहारनपुर। महानगर का प्रसिद्ध छह दिवसीय वार्षिक गजरथ महोत्सव मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हो गया। महोत्सव के समापन अवसर पर जैन बाग स्थित प्राचीन अतिशयकारी जैन मंदिर से भगवान श्री जिनेंद्र की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। भगवान महावीर के जयघोष और भक्ति गीतों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

शोभायात्रा का शुभारंभ जैन समाज के अध्यक्ष राजेश जैन और संरक्षक राकेश जैन ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान श्रीजी को 17 फुट ऊंचे भव्य स्वर्णमयी रथ पर रजत सिंहासन में विराजमान किया गया। शोभायात्रा में खव्वासी के रूप में श्रेयांश-चिराग जैन, सर्राफ खजांची के रूप में राजीव-सजल जैन, ऐरावत हाथी पर कुबेर के रूप में निशांत जैन (गाजियाबाद) तथा रथ पर इंद्र के रूप में संयम-निशांत जैन शामिल रहे।

शोभायात्रा में अहिंसा और जियो-जीने दो का संदेश देती आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। गाय और शेर को एक ही घाट पर पानी पीते हुए दर्शाती झांकी ने आपसी सद्भाव और प्रेम का संदेश दिया। दिल्ली, सरसावा, नागपुर और सहारनपुर के प्रसिद्ध बैंडों ने मधुर भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। वहीं महिलाओं और बालिकाओं ने नृत्य के माध्यम से अपनी भक्ति प्रस्तुत की।

शोभायात्रा जैन बाग से प्रारंभ होकर रामकृष्ण परमहंस मार्ग, कृष्णा नगर, महावीर कॉलोनी, चिलकाना रोड, बड़तला यादगार, मोरगंज, नया बाजार, सर्राफा बाजार और हलवाई हट्टा होते हुए संगियान स्थित प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर पहुंची। रास्ते में विभिन्न वर्गों के लोगों ने भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

इस अवसर पर जैन समाज के महामंत्री संजीव जैन, उपाध्यक्ष विपिन जैन, कोषाध्यक्ष अरुण जैन, मीडिया प्रभारी नीना जैन, राजा जैन आयुष, राजीव जैन सर्राफ, विनोद-आदित्य, नवीन-मनीष जैन, पंकज जैन, मुकेश जैन, वैभव जैन सहित पंचान समिति के सदस्य अशोक जैन, नितिन जैन, संजय जैन और विपिन जैन समेत सैकड़ों श्रावक-श्राविकाएं एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।

छह दिवसीय महोत्सव का समापन धार्मिक उल्लास और भव्य आयोजन के बीच हुआ।