जनता कर्फ्यू: रविवार को 3,700 ट्रेनें और गोएयर, इंडिगो की करीब 1,000 उड़ानें रद्द

 
  • रविवार को 2,400 पैसेंजर ट्रेनें जबकि करीब 1,300 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें नहीं चलेंगी
  • जो पैसेंजर ट्रेनें 7 बजे सुबह परिचालन में रहेंगी, उन्हें गंतव्य तक पहुंचने दिया जाएगा
  • IRCTC ने मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के अंदर कैटरिंग सर्विस को भी बंद रखने का आदेश दिया

नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर 14 घंटे के जनता कर्फ्यू का काउंटडाउन नजदीक आ गया है। इसे सफल बनाने के लिए चौतरफा समर्थन के ऐलान होने लगे हैं। एक तरफ रेलवे ने रविवार को देशभर में 3,700 ट्रेनों का परिचालन रद्द करने की घोषणा की, तो दूसरी तरफ देश की दो विमानन कंपनियों, इंडिगो और गोएयर ने करीब 1 हजार उड़ानें कैंसल करने का फैसला किया।

कम-से-कम ट्रेनें चलाने पर जोर

रेलवे की घोषणा के मुताबिक, रविवार को रद्द होने वाली ट्रोनों में पैसेंजर के साथ-साथ लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें भी शामिल होंगी। रेलवे के मुताबिक, ‘शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात 10 बजे से देश के किसी भी स्टेशन से कोई पैसेंजर या एक्सप्रेस ट्रेन नहीं खुलेगी।’ रेलवे बोर्ड ने शुक्रवार को जारी एक आदेश में कहा कि मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नै और सिकंदराबाद में उपनगरीय रेल सेवाओं में भी बड़ी कटौती होगी और उतनी ही ट्रेनें चलाई जाएंगी जितने से जरूरी यात्राएं संभव हो सकें। रेलवे बोर्ड ने हरके रेलवे जोन को यह फैसला करने का अधिकार दिया कि वह रविवार को कम-से-कम कितनी ट्रेनें चलाना चाहता है।

अटकलों को मिला बल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में रविवार, 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का आह्वान किया था। उन्होंने लोगों से रविवार सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक घरों में ही रहने का आग्रह किया है। कहा जा रहा है कि जनता कर्फ्यू के जरिए सरकार यह देखना चाहती है कि कोरोना का असर बढ़ने पर लॉकडाउन की स्थिति के लिए देश कितना तैयार है। अब जब रेलवे ने इतना बड़ा ऐलान कर दिया है तो अटकलों को और बल मिलने लगा है।

कुल 3,700 ट्रेनें होंगी कैंसल

रेलवे बोर्ड की ओर से जारी आदेश के मुताबिक रविवार को 2,400 ट्रेनें रद्द हो जाएंगी। हालांकि, रविवार को जो पैसेंजर ट्रेनें 7 बजे सुबह परिचालन में रहेंगी, उन्हें गंतव्य तक पहुंचने दिया जाएगा। जिन ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बेहद कम होगी, उन्हें बीच में ही रोक दिया जाएगा। आदेश के अनुसार, लंबी दूरी की मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों का रविवार सुबह 4 बजे से रात 10 बजे के बीच परिचालन बंद रहेगा। अनुमान है कि रविवार को 1,300 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें कैंसल होंगी।

करीब 1,000 उड़ानें भी रद्द
उधर, दो देसी विमानन कंपनियां, इंडिगो और गोएयर भी जनता कर्फ्यू के समर्थन में उतर गई हैं। एक ओर गोएयर ने रविवार को अपनी सारी घरेलू उड़ानें रद्द करने का फैसला किया है, तो दूसरी ओर इडिगो ने महज 40% उड़ानें संचालित करने की ही बात कही है। अनुमान के मुताबिक, दोनों कंपनियों के फैसले से रविवार को करीब 1 हजार उड़ानें रद्द हो जाएंगी। हालांकि, दोनों में से किसी भी कंपनी ने रद्द उड़ानों के टिकट के पैसे वापस करने को लेकर कोई ठोस आश्वासन अभी तक नहीं दिया है।

गोएयर ने कहा कि वह रविवार को सभी घरेलू उड़ानें रद्द कर देगी। कंपनी के मुताबिक, रविवार को अक्सर उसकी 330 उड़ानें हुआ करती हैं। वहीं, दश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो का कहना है कि वह रविवार को 60% घरेलू उड़ानों को ही संचालित करेगी। कंपनी ने कहा कि रविवार को उसकी प्रायः 1,400 उड़ानें होती हैं।

ब्रिटेन में बोरिस सरकार ने लागू किया लॉकडाउन

  • ब्रिटेन में बोरिस सरकार ने लागू किया लॉकडाउन

    ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने पूरे देश में आज रात से लॉकडाउन घोषित कर दिया है। उन्होंने कहा कि कैफे, पब और रेस्तरां बंद रहने चाहिए। यहां 24 घंटे में 714 नए मामले दर्ज किए गए हैं। ब्रिटेन में मरने वालों की संख्या 177 हो गई है।
  • यूरोप में तेजी से गहराया संकट

    चीन के बाद सबसे अधिक संक्रमित लोगों की संख्या यूरोप में है। चीन में अब तक 80,967 लोग संक्रमित हैं और 3,248 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, यूरोप की बात करें तो इटली में 47 हजार संक्रमित हैं जबकि मरने वालों का आंकड़ा 4 हजार के पार चला गया है। स्पेन में 20 हजार संक्रमित हैं औऱ 1000 लोगों की मौत होई गई है। जर्मनी में करीब 17 हजार संक्रमित हैं और 44 मौत हुई है जबकि फ्रांस में 10,995 संक्रमित तथा 372 मौत हुई है। यूरोप में कई जगह लोग लॉकडॉउन की स्थिति का सामना कर रहे हैं। अस्पतालों में मरीज भर गए हैं तो मेडिकल स्टाफ की हालत बेहद खराब है। हालांकि, कई ऐसे लोग हैं जो वॉलिटियर करने के लिए आगे आए हैं। उधर, यूरोप में कई देशों ने एक-दूसरे पर ट्रैवल बैन कर दिया और सीमा सील कर दी है।
  • ईरान में थम नहीं रही मौत, अमेरिका बना छठा संक्रमित देश

    इटली के बाद पश्चिम एशियाई देश ईरान में सबसे अधिक मौतें हुई हैं और यह तीसरे स्थान पर है।ईरान में 18,304 संक्रमित हैं और 1,284 लोगों की मौत हो गई है। सर्वोच्च नेता ने यहां गैरजरूरी यात्रा न करने को लेकर फतवा भी जारी किया है लेकिन इससे कुछ खास असर नहीं पड़ रहा है। वहीं, विशेषज्ञ बताते हैं कि ये यात्राएं नहीं रुकीं तो इस देश में लाखों मरेंगे। पिछले 24 घंटे में संक्रमित लोगों और मरने वाले लोगों की संख्या बढ़ने के साथ ही अमेरिका के कई राज्यों और स्थानीय सरकारों ने पूरी तरह से बंद का आदेश जारी कर दिया। कैलिफॉर्निया में 4 करोड़ लोग लॉकडाउन का सामना कर रहे हैं। अमेरिका कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा संक्रमित छठा देश बन गया है।
  • जंगल की आग न बने, वरना लाखों मरेंगे: UN

    संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इस बीच दुनियाभर के देशों को आगाह किया है कि अगर समय रहते इस पर काबू न पाया गया तो यह जंगल की आग की तरह फैल जाएगा और इससे लाखों लोगों की मौत हो जाएगी। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस का इलाज ढूंढा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र के 75 साल के इतिहास में सबसे बड़ी मानवीय आपदा है जिससे पूरी दुनिया प्रभावित है।
  • 7 दिन में बढ़ गए डेढ़ लाख मामले

    यहां यह गौर करने वाली बात है कि दुनियाभर में सिर्फ एक सप्ताह के भीतर डेढ़ लाख मामले बढ़ गए हैं। अकेले चीन के बाहर 1,64,600 मामले सामने आए हैं। संक्रमित लोगों की कुल संख्या 247,762 है।
  • मास्क लगाकर पढ़ी जा रही जुमे की नमाज

    मुस्लिम देशों में आज लोगों ने मस्जिद जाकर जुमे की नमाज में हिस्सा लिया। पाकिस्तान में कई नमाजी मास्क लगाकर अल्लाह से दुआ मांगते नजर आए। लोगों को भीड़भाड़ से बचने की सलाह दी गई है इसलिए एहतियातन लोग मास्क लगाए मस्जिद में दिखे। भारत में जामा मस्जिद में आज जुमे की नमाज के दौरान काफी भीड़ उमड़ी।
  • स्कूल बंद तो फुटपाथ पर शुरू कर दी क्लास

    भारत में स्कूल-कॉलेज बंद हैं और परीक्षाएं टाल दी गई हैं। यहां 200 से अधिक लोगों में कोरोना के संक्रमण की पुष्टि हुई है और चार लोगों की मौत हो चुकी है। महाराष्ट्र में सबसे अधिक केस आने की वजह से चार शहरों को लॉकडॉउन करने का फैसला किया गया है ताकि संक्रमण रोका जा सके। जिम, कल्चरल सेंटर, संग्रहालय बंद कर दिए गए हैं तो बुजुर्गों और बच्चों को घऱ से न निकलने की हिदायत दी गई है। उधर, मुंबई में स्कूल बंद हो गए तो बच्चे फुटपाथ पर पढ़ते नजर आए। हालांकि, एहतियातन उन्होंने मास्क लगा रखी थी।

 

यात्रियों की सुविधा का ध्यान
बहरहाल, बोर्ड ने सभी रेलवे जोनों को निर्देश दिया है कि जो यात्री ट्रेनों में हों या जो बंदी के दौरान स्टेशन आ रहे हों, उन्हें यात्रा में कोई परेशानी नहीं उठानी पड़े। आदेश में कहा गया है कि जो यात्री स्टेशनों पर रुकना चाहते हैं, उन्हें वेटिंग हॉल, वेटिंग रूम आदि में बिना जत्था बनाए रहने दिया जाए। इसमें कहा गया है, ट्रेनों के कैंसलेशन पर बिना किसी बाधा के यात्रियों को टिकट के पैसे वापस करने का समुचित प्रबंध किया जाए। अगर डिविजनल मैनेजर को लगे कि स्टेशनों पर लोग जमा हो रहे हैं और उनके लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की जरूरत है तो वह इसका आदेश दे सकता है।

स्टेशन से ट्रेन तक, कहीं नहीं मिलेगा खाना
उधर, आईआरसीटीसी ने जारी आदेश में अपने पांच ग्रुप जनरल मैनेजरों को फूड प्लाजा, रिफ्रेशमेंट रूम, जन आहार और सेल किचनों को रविवार से अगले आदेश तक बंद रखने को कहा। रेलवे की टिकटिंग और कैटरिंग इकाई ने मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के अंदर कैटरिंग सर्विस को भी बंद रखने का आदेश दिया। इसने अपने वेंडरों से उनके कैटरिंग स्टाफ की मानवीय आधार पर ध्यान रखने की अपील की।

 
 

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