एक बार फिर विवाद में आया दारूल उलूम का फतवा

एक बार फिर विवाद में आया दारूल उलूम का फतवा
दारूल उलूम 
  • राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग में की गयी शिकायत
  • नोटिस मिलने पर संवैधानिक व कानूनी रूप से देगें जवाब $  मौलाना अबुल कासिम नौमानी

देवबंद [24CN]:  दारुल उलूम देवबंद के फतवो को लेकर एक बार फिर से विवाद हो गया है  राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग में इस बार बच्चे को गोद लिए जाने के फतवे को लेकर शिकायत की गई है। इस फतवे को वेबसाइट से हटाए जाने की मांग की गई है और इसे  गैरकानूनी बताया गया है जब तक वेबसाइट से यह फतवा न हटाया जाएं तब तक वेबसाइट को ब्लॉक कर देने की मांग भी आयोग से की गई है। हालांकि इस मामले में दारुल उलूम ने भी अपना रुख स्पष्ट किया है उन्होंने कहा है कि इस मामले में उन्हें जब कोई नोटिस  मिलेगा तो संविधान और कानून के अनुरूप उसका जवाब देने का काम किया जाएगा। दारुल उलूम की वेबसाइट पर गोद लिए हुए बच्चे को लेकर दिये गये फतवे को लेेकर शिकायत की गई  है

दरअसल दारुल उलूम द्वारा जारी फतवे में कहा गया है कि बच्चे को गोद लेना गैरकानूनी नहीं है लेकिन शरीयत के हिसाब से गोद लिया बच्चा विरासत में हकदार नहीं होगा और बालिग होने के बाद उससे पर्दा भी जरूरी होगा जबकि देश के कानून में गोद लिए बच्चे को विरासत का अधिकार है इस बारे मे राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से शिकायत की गई है जिसका संज्ञान लेते हुए आयोग  ने उत्तर प्रदेश सरकार के सचिव को नोटिस भेजा है और मामले का संज्ञान लेने को कहा है जिस पर प्रदेश सचिव ने जिलाधिकारी सहारनपुर को इस मामले में संज्ञान लेकर जरूरी कार्रवाई करने की हिदायत दी है। साथ ही स्कूल बुक सिलेबस, कालेज युनिफार्म, गैर इस्लामी माहौल में बच्चों की शिक्षा लडकियों की उच्च मदरसा शिक्षा, शारीरिक दंड आदि पर दिये फतवों पर सवाल उठाये गये है।

इस बारे में दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा कि आयोग व जिला प्रशासन की ओर से इस सिलसिले में इदारे को अभी कोई नोटिस नहीं मिला है और ना ही इस नोटिस के बारे में विस्तार से कोई जानकारी मिल पाई है उन्हें केवल मीडिया के माध्यम से ही पता चला है उन्होंने कहा कि नोटिस मिल जाने के बाद इस पर संविधान और धार्मिक आजादी की रोशनी में विचार-विमर्श किये जाने के बाद कानूनी तौर पर जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि फतवे शरीयत के मुताबिक दिए जाते हैं किसी पर थोपे नहीं जाते।


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