संविदा विद्युत कर्मचारियों का ऐलान, मांगें न मानीं तो प्रदेशभर में आंदोलन तेज
- सहारनपुर में मांगों को लेकर धरना देते संविदा विद्युत कर्मचारी।
सहारनपुर। विद्युत संविदा कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। संघ का आरोप है कि आउटसोर्सिंग निगम से कर्मचारियों को बाहर रखे जाने के कारण संविदा कर्मियों को कई महत्वपूर्ण सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है।
संघ के जिला अध्यक्ष चैधरी गुलशन कुमार ने बताया कि इस निर्णय के चलते कर्मचारियों को निर्धारित मानक वेतन का लाभ नहीं मिल पाएगा और उन्हें सीधे भुगतान की सुविधा से भी वंचित रहना पड़ेगा। वर्तमान व्यवस्था में कर्मचारियों को ठेकेदार कंपनियों के माध्यम से ही भुगतान प्राप्त करना पड़ रहा है, जिससे शोषण की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन में अभी तक संविदा कर्मचारियों के लिए स्पष्ट नियमावली नहीं है, जबकि आउटसोर्सिंग निगम के तहत नियमावली बनाए जाने की संभावना थी।
संघ ने मांग की है कि संविदा कर्मचारियों को उचित मानदेय, सामाजिक सुरक्षा और सेवा स्थिरता प्रदान की जाए। यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन और उससे जुड़े अन्य कर्मचारी संगठन आंदोलन तेज करने को बाध्य होंगे। घोषित कार्यक्रम के अनुसार, 21 अप्रैल 2026 को प्रदेश के सभी जनपदों में एक दिवसीय सत्याग्रह किया जाएगा। इसके बाद 4 मई 2026 को संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इस अवसर पर नितिन कुमार सैनी, हसन, प्रदीप, उद्यम, शक्ति, राहुल, शुभम, विनीत, दिलदार, गय्यूर, संजय, रोशन, मोहित, प्रवीण, राकेश, रजत, अरविन्द, अमित, संदीप, सोनू राणा आदि मौजूद रहे।
