भोपाल। मुरैना से उज्जैन जा रही एक खुशियों भरी बारात गुरुवार सुबह राजगढ़ जिले के ब्यावरा में दर्दनाक हादसे का शिकार हो गई। काचरी जोड़ के पास बारातियों से भरी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भीषण दुर्घटना में दूल्हे की दादी समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 19 लोग घायल हो गए हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

झपकी बनी हादसे की वजह

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, धर्मेंद्र ट्रेवल्स की बस में 60-70 बाराती सवार थे, जो रछेड़ गांव से उज्जैन जा रहे थे। सुबह करीब 6 बजे चालक को झपकी आ गई, जिससे बस नियंत्रण खो बैठी। बस सड़क किनारे खाई में उतरते हुए दूसरी लेन में पहुंची और कई बार पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस करीब 10-12 मीटर तक उछलती-पलटती रही।

चीख-पुकार से गूंजा इलाका

हादसा इतना भीषण था कि बस के अंदर बैठे लोग सीटों में फंस गए, कई बाहर जा गिरे। अंशु उर्फ विष्णु तोमर (25) और अभय तोमर (24) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूल्हे की दादी बिटोली देवी (60) ने गंभीर चोटों के कारण दम तोड़ दिया। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घायलों को अस्पताल में कराया भर्ती

सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने राहत-बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को एंबुलेंस की मदद से ब्यावरा सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। गंभीर रूप से घायल कई लोगों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है।

मंत्री पहुंचे अस्पताल, मदद का भरोसा

हादसे की खबर मिलते ही राज्य मंत्री नारायण सिंह पंवार अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।

ड्राइवर बदला, फिर भी नहीं टली त्रासदी

हैरानी की बात यह सामने आई है कि हादसे से करीब दो घंटे पहले ही बस का ड्राइवर बदला गया था, बावजूद इसके नया चालक भी झपकी का शिकार हो गया। इस लापरवाही ने तीन जिंदगियां छीन लीं और कई परिवारों को गहरे जख्म दे दिए।

खुशियों से मातम तक का सफर

बुधवार रात मुरैना से हंसी-खुशी निकली तोमर परिवार की बारात में ढोल-नगाड़ों और गीतों की गूंज थी, लेकिन कुछ ही घंटों में वही यात्रा चीखों और आंसुओं में बदल गई। जो परिवार शादी की खुशियां मनाने जा रहा था, वह अब अस्पताल और पोस्टमार्टम कक्ष के बाहर अपनों के इंतजार में खड़ा है।