ब्लैक लिस्ट से घबराया पाकिस्तान, आतंकी हाफिज सईद को 11 साल की सजा

 

मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा (जेयूडी) सरगना हाफिज सईद के खिलाफ आतंकी वित्तपोषण (टेरर फंडिंग) मामले में अदालत ने फैसला सुना दिया है। पाकिस्तान की आतंकरोधी अदालत (एटीसी) ने दो अलग-अलग मामलों में हाफिज सईद को 11 साल की सजा सुनाई है।

दो मामलों में साढ़े पांच-साढ़े पांच साल की सजा

अदालत के एक अधिकारी ने पीटीआई को इसकी पुष्टि की है कि पंजाब प्रांत में आतंकवाद को वित्त पोषण करने के दो मामलों में सईद को सजा दी गई है। आतंकवाद निरोधक अदालत ने आतंकवाद को वित्त पोषण करने के मामलों की रोजाना सुनवाई करते हुए 11 दिसंबर को सईद एवं उसके एक सहयोगी को दोषी करार दिया था ।

अदालत ने दोनों मामलों में सईद को साढ़े पांच साल-साढ़े पांच साल के कैद की सजा सुनाई जबकि दोनों मामलों में 15-15 हजार का जुर्माना भी लगाया। दोनों मामलों की सजा साथ-साथ चलेगी एफएटीएफ की काली सूची से डरा पाक

अदालत ने हाफिज सईद के खिलाफ ये फैसला ऐसे समय में सुनाया है जब पाकिस्तान पर एफएटीएफ की काली सूची में शामिल होने का खतरा बना हुआ है। अगर पाक को एफएटीएफ की काली सूची में शामिल कर लिया जाता है तो उसकी डूब रही अर्थव्यवस्था पर यह कड़ा प्रहार होगा।

26/11 के बाद से भारत को सईद की तलाश

भारत 26/11 के मुंबई हमलों के बाद से ही हाफिज सईद को कानूनी कटघरे में खड़ा करने की लड़ाई लड़ रहा है। सईद को मिली सजा भारत के लिए भी बड़ी जीत है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से लेकर संयुक्त राष्ट्र महासभा तक में समय-समय पर पाक में पल रहे आतंक की बात पूरे जोर-शोर से उठाई है। इसमें अमेरिका का भी पूरा साथ मिलता रहा है जिसने हाल ही में हाफिज के खिलाफ मुकदमा तेज करने की अपील की थी।

 
 

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