कुवैत पर ड्रोन-मिसाइल हमले के बाद खाड़ी में तनाव बढ़ा, कई इलाकों में सायरन
पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। रिपोर्टों के मुताबिक कुवैत की दिशा में ड्रोन और मिसाइल हमले की घटना के बाद कई इलाकों में सायरन बजाए गए और सुरक्षा एजेंसियों ने हाई अलर्ट मोड सक्रिय किया। खाड़ी क्षेत्र में पहले से चल रहे सैन्य तनाव के बीच यह घटनाक्रम क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है।
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार हवाई खतरों की पहचान के बाद इंटरसेप्शन और नागरिक सुरक्षा प्रोटोकॉल पर तुरंत काम किया गया। ऐसे हालात में एयर ट्रैफिक, बंदरगाह गतिविधियों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था एक साथ कड़ी की जाती है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा और शिपिंग मार्गों पर इस तरह की घटनाओं का असर तेजी से दिखाई देता है, इसलिए कई देश स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ घंटों में आधिकारिक ब्रीफिंग, नुकसान का आकलन और संभावित कूटनीतिक प्रतिक्रिया सबसे महत्वपूर्ण कारक होंगे। अगर तनाव लंबा खिंचता है तो तेल बाजार, समुद्री बीमा लागत और क्षेत्रीय सैन्य तैनाती पर असर बढ़ सकता है। फिलहाल प्राथमिक फोकस नागरिक सुरक्षा और आगे किसी भी हमले को रोकने पर रखा गया है।
