मौलाना साजिद रशीदी की टिप्पणी पर संत समाज में नाराजगी, सार्वजनिक माफी और कार्रवाई की मांग
नई दिल्ली। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी की कांवड़ यात्रा को लेकर की गई विवादित टिप्पणी पर संत समाज ने कड़ी आपत्ति जताई है। कई संतों और धार्मिक नेताओं ने इस बयान को करोड़ों शिवभक्तों की आस्था का अपमान बताते हुए सार्वजनिक माफी और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
महामंडलेश्वर रूपेंद्र प्रकाश ने कहा कि कांवड़ यात्रा देश की सबसे पवित्र धार्मिक यात्राओं में से एक है, जिसमें हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ भाग लेते हैं। उनका कहना है कि कांवड़ियों के लिए अपमानजनक भाषा का प्रयोग करना हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।
उन्होंने मौलाना साजिद रशीदी से अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणियां सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को प्रभावित कर सकती हैं।
सरकार से कार्रवाई की मांग
महामंडलेश्वर रूपेंद्र प्रकाश ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार से पूरे मामले का संज्ञान लेकर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म या उसकी आस्था के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
संत समाज ने जताई कड़ी आपत्ति
संत समाज के अन्य प्रतिनिधियों ने भी मौलाना रशीदी की टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे बयान समाज में वैमनस्य पैदा करने वाले हैं और सामाजिक सद्भाव के हित में नहीं हैं। उनका कहना है कि धार्मिक विषयों पर सार्वजनिक बयान देते समय सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने कांवड़ यात्रा और कांवड़ियों को लेकर विवादित टिप्पणी की। वीडियो में उन्हें कांवड़ियों की तुलना आतंकवादियों से करते हुए यह कहते सुना गया कि कांवड़ यात्रा में शामिल होने वाले अधिकतर लोग नशा और उपद्रव करने के उद्देश्य से जाते हैं। उनके इस कथित बयान के बाद विभिन्न धार्मिक संगठनों और संत समाज ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिससे विवाद लगातार बढ़ता नजर आ रहा है।
