मेरठ में नवजात का अपहरण : पिता के दोस्‍त ने ही साढे तीन लाख में बेचा था बच्‍चा, ऐसे हुआ राजफाश

मेरठ में नवजात का अपहरण : पिता के दोस्‍त ने ही साढे तीन लाख में बेचा था बच्‍चा, ऐसे हुआ राजफाश

मेरठ । दौराला के कैली गांव से अगवा हुए सात माह के बच्चे को पुलिस ने चौबीस घंटे में बरामद कर लिया। एसएसपी के अनुसार बच्चे को गांव के ही युवक ने अगवा कर मुजफ्फरनगर मेडिकल कालेज के एक डाक्टर को साढ़े तीन लाख रुपये में बेचा था। डाक्टर ने वंश चलाने के लिए हेड कांस्टेबल के बेटे से बच्चे का सौदा किया था। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

एसएसपी अजय साहनी ने इस संबंध में प्रेसवार्ता कर बताया कि शुक्रवार को दौराला के कैली गांव से साहिब का सात माह का बच्चा शहादत अगवा हो गया था। पुलिस ने बच्चे को डाक्टर चैतन्य महेश्वरी के शास्त्री नगर स्थित घर से बरामद कर लिया। डाक्टर ने पूछताछ में बताया कि वंश चलाने के लिए दिल्ली के हेड कांस्टेबल अनिल ढाका के बेटे गौरव ढाका से संपर्क किया। गौरव की दीपांकर से दोस्ती है। गौरव ने साढ़े तीन लाख रुपये में बच्चे का सौदा कैली गांव के हाशिम से करा दिया। शुक्रवार शाम गौरव ढाका ने हाशिम को एक लाख की रकम सौंप दी थी। इसके बाद हाशिम ने साहिब के बड़े बेटे की गोद में खेल रहे सात माह के बच्चे को छीनकर गौरव को सौंप दिया।

गौरव बच्चे को बाइक से शास्त्रीनगर ले गया और डाक्टर चैतन्य महेश्वरी को सौंप दिया। पुलिस ने बच्चे को स्वजन को सौंप दिया है। उधर, हाशिम ने कैली गांव से कुछ दूर दादरी गांव की चकरोड स्थित गन्ने के खेत में रकम दबा रखी थी। रकम बरामद करने के लिए पुलिस हाशिम को खेत में ले गई तो हाशिम दारोगा सुखवीर की सरकारी पिस्टल छीनकर भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी की तो हाशिम ने फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में हाशिम पैर में गोली लगने से घायल हो गया। उसे मेडिकल कालेज में उपचार दिलाया गया। पुलिस ने पिस्टल और एक लाख रुपये बरामद कर लिए।

ऐसे हुआ पर्दाफाश

पुलिस पड़ताल में यह बात सामने आई कि हाशिम से साहिब की रंजिश चल रही थी। चार दिन पहले ही दोनों में बातचीत शुरू हुई थी। हाशिम की काल डिटेल से पता चला कि हाशिम की गौरव और डाक्टर चैतन्य से बातचीत हो रही थी। इसके बाद गौरव से पूछताछ की तो उसने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे दी।

एसएसपी अजय साहनी ने बतया कि डा. चैतन्य माहेश्वरी ने हाशिम से बच्चा गोद लेकर आर्थिक मदद का भरोसा दिलाया था। गौरव और चैतन्य को नहीं पता था कि बच्चा अगवा करके दिया गया है। वे बच्चा हाशिम के भाई का मानकर चल रहे थे। ऐसे में डाक्टर और हेड कांस्टेबल के बेटे का कोई कुसूर नहीं मिला है, लेकिन विवेचना जारी है। यदि उनके खिलाफ साक्ष्य मिले तो विवेचना में उन्हें भी आरोपित बनाया जाएगा।


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