ओ-जोन की कॉलोनियों को राहत, सीएम रेखा गुप्ता बोलीं- पुराने मकानों पर नहीं चलेगा बुलडोजर

ओ-जोन की कॉलोनियों को राहत, सीएम रेखा गुप्ता बोलीं- पुराने मकानों पर नहीं चलेगा बुलडोजर

दिल्ली के ओ-जोन क्षेत्र में रहने वाले लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई और साफ कहा कि ओ-जोन में पहले से बने मकानों और कॉलोनियों पर कोई तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं की जाएगी.

बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ओ-जोन क्षेत्र में रहने वाले लोगों के साथ खड़ी है. उन्होंने कहा कि इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को डरने या घबराने की जरूरत नहीं है. सरकार उनकी चिंताओं को गंभीरता से समझती है और उनका समाधान निकालने के लिए काम कर रही है.

ओ-जोन क्षेत्र में हैं अनधिकृत कॉलोनियां और पुरानें गांव

बैठक में सांसद मनोज तिवारी, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, विधायक अरविंदर सिंह लवली समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि ओ-जोन क्षेत्र में करीब 91 अनधिकृत कॉलोनियां और एक दर्जन पुराने गांव हैं, जहां लगभग 15 लाख लोग रहते हैं.

पुराने और पहले से बने निर्माणों पर नहीं चलेगा बुलडोजर

जनप्रतिनिधियों ने बैठक में बताया कि इलाके में लगाए गए कुछ सरकारी बोर्डों और नोटिसों की वजह से लोगों में भ्रम और डर का माहौल बन गया है. कई परिवारों को लग रहा है कि उनके घरों पर बुलडोजर चल सकता है. हालांकि, हाई कोर्ट के आदेशों और उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड के अध्ययन के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि पुराने और पहले से बने निर्माणों को हटाने का कोई आदेश नहीं है.

इन निर्माणों पर हो सकती है कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक, अदालत की चिंता केवल नए और वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर है. यानी जिन जगहों पर अभी अवैध तरीके से नया निर्माण किया जा रहा है, वहां कार्रवाई हो सकती है. पहले से बसे लोगों और पुराने मकानों पर फिलहाल कोई खतरा नहीं है.

सीएम ने DDA अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बैठक में डीडीए अधिकारियों से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगा. उन्होंने कहा कि जब अदालत ने पुराने निर्माणों को लेकर कोई निर्देश नहीं दिया है, तो लोगों में भ्रम पैदा करने वाली भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ओ-जोन क्षेत्र में लगाए गए बोर्डों और नोटिसों की भाषा की समीक्षा की जाए ताकि लोगों में अनावश्यक डर न फैले.

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह जल्द ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात करेंगी और इस पूरे मुद्दे पर चर्चा करेंगी.

पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील इलाका माना जाता है ओ-जोन

दरअसल, ओ-जोन यमुना नदी के आसपास का वह इलाका है जिसे पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है. वर्षों से यहां बड़ी संख्या में कॉलोनियां बस चुकी हैं. समय-समय पर यहां अवैध निर्माण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं. हाल के दिनों में कुछ नोटिस और बोर्ड लगाए जाने के बाद लोगों में अपने घरों को लेकर चिंता बढ़ गई थी.

अब मुख्यमंत्री की बैठक और सरकार के रुख के बाद ओ-जोन क्षेत्र में रहने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत मिली है. सरकार ने साफ संकेत दिया है कि पुराने निर्माणों को लेकर फिलहाल किसी तरह की ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं होगी, जबकि यमुना के फ्लड प्लेन में नए अवैध निर्माणों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे.

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