प्रभु जी की रसोई की अविरल सेवा का दसवें वर्ष में प्रवेश
सहारनपुर। लोक कल्याण समिति द्वारा नर सेवा नारायण सेवा और भूखे को भोजन कराने की कड़ी में 9 अगस्त 2017 से सहारनपुर के तत्कालीन मण्डलायुक्त दीपक अग्रवाल के नेतृत्व में स्थानीय गांधी पार्क जनमंच के समीप शुरू की गयी प्रभु जी की रसोई की अविरल सेवा के आज दसवें वर्ष में प्रवेश पर समिति के सचिव व वरिष्ठ समाजसेवी शीतल टण्डन ने कहा कि सभी धर्मों में लिखा गया है कि गरीब, असहाय व भूखे व्यक्तियों को भोजन कराना सबसे उत्तम सेवा कार्य है और ये हम सबका कर्तव्य भी है कि हम सब इस कार्य में किसी न किसी रूप में अपनी भागेदारी जरूर सुनिश्चित करे।
श्री टण्डन ने कहा कि प्रभु जी की रसोई में सहयोगकर्ता अपने जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ, बड़े बुजुर्गो की पुण्यतिथि, जयंती, पितृ पक्ष, नवरात्र, अमावस व अन्य अवसरों पर प्रभु जी की रसोई में आकर तन-मन-धन से सेवा करते हैं और उन्हीं के सहयोग से प्रतिदिन लगभग 350 से 400 जरूरतमंद लोगों को दोपहर का निःशुल्क उच्च कोटि का गुणवत्ता पूर्ण भोजन कराया जा रहा है। कोविड-20-21 के दौरान प्रभु जी की रसोई में दिन-रात सेवा कार्य चलता रहा और उन दिनों हजारों की संख्या में जरूरत मंद लोगों को भोजन बांटा गया। तथा पैकेट तैयार कराकर वितरित किये गये।
श्री टण्डन ने कहा कि उनके व समिति के सदस्यों द्वारा प्रतिदिन इस कार्य में बड़ी श्रद्धापूर्वक सेवा की जाती है तथा समिति के सभी सदस्य सेवा, सदभाव, सम्मान, स्वच्छता, शुद्धता, गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि संस्था के मुख्य संरक्षक कमिश्नर डा.रूपेश कुमार, जिलाधिकारी अरविंद कुमार चैहान, नगरायुक्त शिपू गिरि, महापौर डा. अजय कुमार सिंह तथा मुख्य कोषाधिकारी सूरज कुमार व समिति के सभी पदाधिकारी व सदस्यों तथा नगर की विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक व सेवा संस्थाओं द्वारा भी समय-समय पर प्रभु जी की रसोई में सेवा कार्य किये जाते हैं।
इस अवसर पर कर्नल संजय मिड्ढा, स. हरप्रीत सिंह गोगिया, भोपाल सिंह सैनी, कृष्ण लाल मिड्ढा, रमेश अरोडा, पं.जयनाथ शर्मा, डा. जी.बी. लाल, संजीव सचदेवा, कुलदीप धमीजा, ललित पोपली, पवन गोयल, गुलशन नागपाल, डा. चंद्रशील चोपडा, रविन्द्र मिगलानी, प्रमोद मिगलनी, प्रदीप आहूजा, सतीश ठकराल, डा. पी.डी. गर्ग, रम्मी धवन, के.एल.दावडा, राजीव कालिया, रवि टण्डन, प्रदीप आहूजा, भूपेन्द्र मोंगा मौजूद रहे।
