पीएनजी को बताया सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल ईंधन, बीपीसीएल ने दी विस्तार योजनाओं की जानकारी

पीएनजी को बताया सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल ईंधन, बीपीसीएल ने दी विस्तार योजनाओं की जानकारी

सहारनपुर। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की ओर से मंगलवार को शहर के एक होटल में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) को लेकर प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों ने सहारनपुर में पीएनजी नेटवर्क के विस्तार, उपभोक्ताओं को मिलने वाली सुविधाओं तथा स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की।

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने बताया कि पीएनजी आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन है, जो उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की बुकिंग और रिफिल की झंझट से मुक्ति दिलाता है। पाइपलाइन के माध्यम से चैबीसों घंटे गैस आपूर्ति उपलब्ध होने से उपभोक्ताओं को अधिक सुविधा मिलती है। इसके साथ ही मीटर आधारित बिलिंग व्यवस्था पारदर्शिता सुनिश्चित करती है और उपभोक्ताओं को प्रतिस्पर्धी दरों का लाभ भी प्राप्त होता है। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में घरेलू पीएनजी कनेक्शन की पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक परिवारों को सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त ईंधन उपलब्ध कराया जा सके।

बीपीसीएल द्वारा भी सहारनपुर में गैस अवसंरचना को मजबूत करने और नए उपभोक्ताओं को जोड़ने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। प्रेस वार्ता में मीडिया प्रतिनिधियों को ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि इच्छुक उपभोक्ता घर बैठे पोर्टल के माध्यम से पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा सुरक्षा मानकों, ग्राहक सेवा सुविधाओं तथा आपातकालीन सहायता प्रणाली के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में बीपीसीएल के गैस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और सहारनपुर में भविष्य की विस्तार योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने नागरिकों से स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल ईंधन के रूप में पीएनजी को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि यह ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रेस वार्ता के अंत में लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पीएनजी कनेक्शन लेने तथा स्वच्छ और हरित भविष्य के निर्माण में सहभागिता निभाने का आह्वान किया गया।

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