नीति आयोग द्वारा जारी की गई शिक्षा की गुणवत्ता संबंधी राष्ट्रीय रिपोर्ट में जनपद को मिला विशेष स्थान
सहारनपुर। नीति आयोग द्वारा मई माह में जारी की गई शिक्षा की गुणवत्ता संबंधी राष्ट्रीय रिपोर्ट में सहारनपुर जनपद को विशेष स्थान मिलना जिले के लिए गर्व और सम्मान का विषय है।
सहारनपुर में संचालित एक अभिनव कार्यक्रम का उल्लेख रिपोर्ट के पृष्ठ संख्या 194 पर किया गया है, जिसे मुख्य विकास अधिकारी श्री सुमित राजेश महाजन के कुशल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आईटीसी मिशन सुनहरा कल, प्रथम संस्था तथा आईजीडी के सहयोग से सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है।
यह कार्यक्रम पिछले दो वर्षों से जनपद के आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के प्रारंभिक शिक्षा, भाषा विकास, संज्ञानात्मक क्षमता, सामाजिक व्यवहार एवं समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए चलाया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को विद्यालय में प्रवेश से पूर्व बेहतर सीखने का वातावरण उपलब्ध कराना तथा उनकी बुनियादी शैक्षिक क्षमता को मजबूत बनाना है।
कार्यक्रम के अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे वे बच्चों को खेल-आधारित एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति के माध्यम से प्रभावी तरीके से शिक्षित कर सकें। इस पहल के सकारात्मक परिणाम जनपद स्तर पर स्पष्ट रूप से देखने को मिले हैं। बच्चों की सीखने की क्षमता, उपस्थिति एवं सहभागिता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
नीति आयोग की रिपोर्ट में इस मॉडल को एक सक्सेस स्टोरी के रूप में स्थान दिया जाना न केवल सहारनपुर प्रशासन के प्रयासों की सराहना है, बल्कि यह पूरे प्रदेश एवं देश के लिए प्रेरणादायक उदाहरण भी है। कार्यक्रम की सफलता के कारण इसे राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया गया, जिससे सहारनपुर जिले की पहचान देशभर में मजबूत हुई है।
सीडीओ श्री सुमित राजेश महाजन के नेतृत्व, प्रशासनिक टीम के समर्पण, आईटीसी मिशन सुनहरा कल, प्रथम संस्था, आईजीडी एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के निरंतर प्रयासों से यह पहल आज एक सफल मॉडल के रूप में उभरकर सामने आई है। यह उपलब्धि जनपद सहारनपुर के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण है और भविष्य में प्रारंभिक बाल शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगी।
