औरंगाबाद हादसा: मेरी आवाज नहीं सुन पाए और…सब खत्म, जिंदा बचे मजदूर ने बताया रूह कंपाने वाला मंजर

 

 

  • औरंगाबाद हादसे में जिंदा बचे मजदूर ने बताया रूह कंपा देने वाला मंजर
  • फैक्ट्री से साथ निकले थे सभी मजदूर, 3 जिंदा बच गए, पटरी से अलग लेटे थे
  • प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार गहरे नींद में थे मजदूर, सुबह सवा 5 बजे हुआ हादसा
  • चिल्लाकर जगाने की कोशिश की लेकिन गहरी नीद की वजह से नहीं सुनाई पड़ा

जालना
महाराष्ट्र के औरंगाबाद में पटरी पर थककर सो रहे 16 मजदूरों की ट्रेन से कटकर मौत (Aurangabad Train Accident) हो गई। हादसे में जिंदा बच गए मजदूरों ने इस दर्दनाक हादसे का आंखों देखा हाल बयां किया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने रूह कंपा देने वाली घटना का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे वे फैक्ट्री से घर जाने की उम्मीद में निकले और उनके 16 साथी रास्ते में ही हमेशा की नींद सो गए।

स्टील फैक्ट्री से शाम को चले मजदूर
जालना जिले के एसपी एस. चैतन्य ने जानकारी देते हुए बताया, ‘हादसे का शिकार हुए मजदूर यहां एसआरजी स्टील कंपनी में काम करते थे। उनकी उम्र 20 से 35 साल के बीच थी। एसआरजी स्टील मिल के 21 मजदूर पैदल ही औरंगाबाद की तरफ निकल पड़े। मजदूरों ने औरंगाबाद जाने का निर्णय किया क्योंकि उन्हें लगा कि उन्हें वहां से मध्य प्रदेश के लिए ट्रेन मिल सकती है।’

रातभर चलने से थकान, बैठते ही आई गहरी नींद
करमाड के पुलिस अधिकारी ने जिंदा बचे प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से बताया, ‘हम सभी ने गुरुवार शाम सात बजे जालना से चलना शुरू किया और लगभग 36 किलोमीटर चलने के बाद पटरियों पर आराम करने का निर्णय किया। रातभर पैदल चलने के बाद हम सब बेहद थके हुए थे। थोड़ी देर आराम करने के इरादे से सभी ने लेटने का फैसला किया। 16 पटरियों पर ही सो गए जबकि बाकी हम 3 लोग थोड़ी दूर पर लेट गए। बुरी तरह से थकान की वजह से सभी को गहरी नींद आ गई।’

‘हमने चिल्लाकर जगाना चाहा लेकिन…सब खत्म’
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, ‘हम 3 लोग पीछे थे, जबकि वे सभी आगे। हम समतल जमीन पर सोए हुए थे। सुबह के वक्त सवा 5 बजे हमने अचानक एक मालगाड़ी को आते देखा और चिल्लाए लेकिन किसी को कुछ सुनाई नहीं दिया। हमने जोर-जोर से चिल्लाकर सोते हुए अपने साथियों को जगाने की कोशिश की लेकिन सब बेकार रहा और ट्रेन मजदूरों के ऊपर से निकल गई।’

रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि मालगाड़ी में पेट्रोल के खाली कंटेनर थे और यह मनमाड तहसील स्थित पानेवाडी जा रही थी। दुर्घटना के बाद यह अगले स्टेशन पर रुक गई। इस संबंध में एक अन्य अधिकारी ने कहा कि मृतकों के शव आज बाद में ट्रेन के जरिए जबलपुर ले जाए जाएंगे। एक अधिकारी के अनुसार ये सभी जिस फैक्ट्री में काम करते थे, उसके मालिक या फिर जिला प्रशासन को बताए बगैर ही निकल गए थे।

कलेजा चीर रहा औरंगाबाद ट्रेन हादसे का ये मंजर

कलेजा चीर रहा औरंगाबाद ट्रेन हादसे का ये मंजरAurangabad train accident video: जिस रोटी की तलाश में घर से निकले थे, वो उनके बेजान शरीर के पास बिखरी पड़ी थीं। महाराष्ट्र के औरंगाबाद में मालगाड़ी से 16 मजदूरों के कटने का मंजर दिल को चीरने वाला था। जिसने भी ये खौफनाक मंजर देखा, उसका कलेजा मुंह को आ गया।

महाराष्ट्र के औरंगाबाद से आज दिल दहला देने वाली घटना सामने आई जहां 16 मजदूर ट्रेन से कट गए। वो सभी जालना से भुसावल की तरफ पैदल निकल पड़े थे और थक कर रेल पटरियों पर ही सो गए थे। सभी 16 मजदूर मध्य प्रदेश के शहडोल और उमरिया जिले के निवासी थे। लॉकडाउन की वजह से फैक्ट्री में ही फंसे हुए थे। सोशल मीडिया पर वायरल, हादसे की वीडियो क्लिप में पटरियों पर मजदूरों के शवों के चीथड़े दिखाई देते हैं। शवों के पास मजदूरों का थोड़ा बहुत सामान बिखरा पड़ा नजर आता है।

 
 

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