SIR पर खुलासे से सियासी बवाल, प्रशांत भूषण बोले- ज्ञानेश कुमार को हटाएं
चुनाव आयोग के हालिया कदमों पर इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट से सियासी हंगामा खड़ा हो गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग की SIR प्रक्रिया के दौरान EC के भीतर ही सवाल उठाए गए. चुनाव आयोग के तीन सदस्यों के पैनल में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी हैं. इनमें से संधू और जोशी ने 10 महीनों में कम से कम 14 बार अपनी आपत्ति जताई. रिपोर्ट के मुताबिक, इसका संबंध मतदाता सूची में नए वोटर्स के पंजीकरण, नाम हटाने और बहाल करने जैसे मसलों पर था. इस खुलासे के बाद वकील प्रशांत भूषण ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए.
उन्होंने एक्स पर लिखा, ”चुनाव आयोग SIR के बारे में ECI के अलग-अलग निर्देशों पर ज्ञानेश कुमार के कदमों का 2/3 चुनाव आयुक्तों ने विरोध किया था. लेकिन सरकार के खास आदमी ज्ञानेश कुमार ने गैर-कानूनी तरीके से निर्देश जारी करना जारी रखा, जिसके कारण अब तक 13 करोड़ से ज्यादा वोटर वोट देने के अधिकार से वंचित हो गए हैं! सुप्रीम कोर्ट को इस मामले पर खुद संज्ञान लेना चाहिए!”
ज्ञानेश कुमार को तुरंत हटाना चाहिए- प्रशांत भूषण
प्रशांत भूषण ने कहा, ”आज ‘इंडियन एक्सप्रेस’ (IE) में छपी खबर यह बताती है कि कैसे ज्ञानेश कुमार ने SIR कराने के तरीके पर बाकी 2 चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को गैर-कानूनी ढंग से नजरअंदाज करते हुए ECI की मनमानी की. यह खबर इतनी गंभीर है कि ज्ञानेश कुमार को तुरंत हटाना चाहिए और उन पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए!”
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले शुरू हुई एसआईआर प्रक्रिया के बाद से ही विपक्षी पार्टियां चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है. इसके बाद बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान हंगामा मचा. इस समय दिल्ली में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विवाद है. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में भी इसपर सुनवाई हुई. इस दौरान अदालत ने कहा कि कि बड़ी संख्या में भेजे गए यह नोटिस मशीन से जारी किए गए लगते हैं.
