मिशन शक्ति फेज-6: छात्राओं को बताए महिला सुरक्षा के अधिकार, साइबर अपराध से बचाव के दिए टिप्स
सहारनपुर के आशा मॉडर्न इंटरनेशनल स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम, 112, 1090, 1930 और 1098 हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
सहारनपुर। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मिशन शक्ति फेज-6 के तहत जनता रोड स्थित आशा मॉडर्न इंटरनेशनल स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को कानूनी अधिकारों, आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर जागरूक किया गया। अधिकारियों ने छात्राओं से किसी भी परेशानी की स्थिति में चुप रहने के बजाय संबंधित विभाग से मदद लेने की अपील की।
अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मां शाकंभरी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वाई. विमला, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), एसपी ट्रैफिक, एसपी सिटी और एएसपी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम की शुरुआत छात्र-छात्राओं की महिला सुरक्षा और स्वावलंबन पर आधारित प्रेरणादायक प्रस्तुतियों से हुई। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया।
कानूनी अधिकारों और साइबर सुरक्षा के प्रति किया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही साइबर अपराधों से बचने, इंटरनेट और सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि के प्रति सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया।
छात्राओं को बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में उपलब्ध हेल्पलाइन नंबरों का इस्तेमाल कर सहायता प्राप्त की जा सकती है। अधिकारियों ने सुरक्षा संबंधी समस्याओं की जानकारी समय रहते पुलिस या संबंधित विभाग को देने पर भी जोर दिया।
हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
जागरूकता कार्यक्रम में छात्राओं को प्रमुख हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई।
- 112: पुलिस एवं आपातकालीन सहायता
- 1090: उत्तर प्रदेश महिला पावर लाइन
- 1930: साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत के लिए हेल्पलाइन
- 1098: बच्चों की सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन
उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाली छात्राएं सम्मानित
कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रस्तुतियां देने वाली छात्राओं के साथ महिला कल्याण विभाग, पुलिस विभाग और शिक्षकों को भी प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। आयोजन के माध्यम से छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाने, उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाने और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने का संदेश दिया गया।
