मिशन शक्ति: एक दिन की बीईओ बनीं छात्रा रानी, हिमांशी ने संभाली प्रधानाध्यापिका की जिम्मेदारी

मिशन शक्ति: एक दिन की बीईओ बनीं छात्रा रानी, हिमांशी ने संभाली प्रधानाध्यापिका की जिम्मेदारी
गंगोह में मिशन शक्ति अभियान के तहत एक दिन की खंड शिक्षा अधिकारी बनकर कार्यालय की पत्रावलियों का निरीक्षण करती छात्रा रानी।

गंगोह में छात्राओं को मिला प्रशासनिक जिम्मेदारियों का अनुभव, रानी ने जांचीं कार्यालय की पत्रावलियां तो हिमांशी ने संभाली विद्यालय की कमान

गंगोह (सहारनपुर)। महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से संचालित मिशन शक्ति 6.0 अभियान के अंतर्गत गंगोह क्षेत्र में दो छात्राओं को एक दिन के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गईं। उच्च प्राथमिक विद्यालय बीराखेड़ी की कक्षा आठ की छात्रा रानी को विकास खंड गंगोह की एक दिन की खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) बनाया गया, जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालय पखनपुर की छात्रा हिमांशी सैनी ने एक दिन की प्रधानाध्यापिका बनकर विद्यालय संचालन की जिम्मेदारी निभाई।

बीईओ की कुर्सी पर बैठकर रानी ने जांचीं पत्रावलियां

मिशन शक्ति अभियान के तहत एक दिन की खंड शिक्षा अधिकारी बनीं छात्रा रानी ने कार्यालय पहुंचकर प्रशासनिक कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कार्यालय में उपस्थित कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका और विभिन्न पत्रावलियों का निरीक्षण किया। इसके साथ ही कार्यालय परिसर में साफ-सफाई और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

रानी ने बीईओ की भूमिका निभाते हुए सभी पटल प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस दौरान उन्हें शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को नजदीक से समझने का अवसर मिला।

इस अवसर पर शिक्षक जसवंत सिंह, नीरज सैनी, ब्रजपाल सैनी, रजत शर्मा और बालेश सिंह मौजूद रहे।

हिमांशी ने संभाली विद्यालय की कमान

उधर, मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत उच्च प्राथमिक विद्यालय पखनपुर में छात्रा हिमांशी सैनी को एक दिन के लिए प्रधानाध्यापिका बनाया गया। हिमांशी ने विद्यालय संचालन की जिम्मेदारी संभालते हुए प्रधानाध्यापिका की भूमिका निभाई।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुरेंद्र कर्णवाल ने बताया कि छात्रा हिमांशी ने सौंपी गई जिम्मेदारी का सफलतापूर्वक निर्वहन किया।

बेटियों में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ाने की पहल

मिशन शक्ति 6.0 के अंतर्गत आयोजित इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को प्रशासनिक एवं शैक्षणिक जिम्मेदारियों से परिचित कराने के साथ उनमें आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व के गुण विकसित करना है। ऐसे आयोजन बेटियों को बड़े सपने देखने और भविष्य में जिम्मेदार पदों पर पहुंचने के लिए प्रेरित करते हैं।

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