कोच रिकी पोंटिंग ने लगाया बदतमीजी का आरोप, कहा- ये भारतीय खिलाड़ी नहीं मानता मेरी बात

कोच रिकी पोंटिंग ने लगाया बदतमीजी का आरोप, कहा- ये भारतीय खिलाड़ी नहीं मानता मेरी बात

मुंबई । दिल्ली कैपिटल्स के मुख्य कोच रिकी पोंटिंग ने युवा ओपनर पृथ्वी शॉ को लेकर कुछ खुलासे किए हैं। इंडियन प्रीमियर लीग के 14वें सीजन की शुरुआत से पहले उन्होंने बताया कि पृथ्वी उनकी बात को नहीं मानते। पिछले सत्र में जब पृथ्वी शॉ खराब दौर से गुजर रहे थे तो उन्होंने नेट्स पर बल्लेबाजी करने से इन्कार कर दिया।

पोंटिंग ने साथ ही उम्मीद जताई कि इस प्रतिभावान बल्लेबाज ने आगामी प्रतियोगिता से पहले बेहतरी के लिए अपनी ट्रेनिंग आदतों में सुधार किया होगा। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान पोंटिंग दिल्ली कैपिटल्स में पिछले दो सत्र से 21 साल के पृथ्वी के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने याद किया कि पिछले सत्र में दो अर्धशतक जड़ने के बाद पृथ्वी जब खराब दौर से गुजरे तो उन्होंने नेट्स पर बल्लेबाजी करने से ही इन्कार कर दिया।

शॉ का था रोचक सिद्धांत :

चेन्नई में नौ अप्रैल से शुरू हो रहे आगामी टूर्नामेंट से पहले पोंटिंग ने कहा, ‘पिछले साल अपनी बल्लेबाजी को लेकर पृथ्वी का रोचक सिद्धांत था कि जब वह रन नहीं बना रहे होते तो वह नेट्स पर बल्लेबाजी नहीं करेंगे और जब वह रन बना रहे होंगे है तो हमेशा बल्लेबाजी करना चाहते हैं। उन्होंने चार या पांच मैचों में 10 से कम रन बनाए और मैं उनसे कह रहा था कि हमें नेट्स पर जाना चाहिए और देखना चाहिए कि समस्या कहां है। और उन्होंने मेरी आंखों में देखा और कहा, नहीं, मैं बल्लेबाजी नहीं करूंगा।

मुझे यह बिलकुल भी समझ में नहीं आया। वह शायद बदल गए हो। मुझे पता है कि पिछले कुछ महीनों में उन्होंने काफी काम किया है। उनका सिद्धांत शायद बदल गया हो और उम्मीद करता हूं कि ऐसा हुआ होगा क्योंकि अगर हम उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करा पाए तो वह सुपरस्टार खिलाड़ी बन सकता है।’

अपने शब्दों पर टिके रहे शॉ : 

पोंटिंग 29 मार्च को दिल्ली की टीम से जुड़े थे और उन्होंने अपना एक हफ्ते का लंबा क्वारंटाइन पूरा कर लिया है। ऑस्ट्रेलिया के इस पूर्व कप्तान ने कहा कि पिछले साल वह पृथ्वी को सलाह देने से पीछे नहीं हटे, लेकिन यह युवा बल्लेबाज अपने शब्दों पर टिका रहा। पोंटिंग को भरोसा है कि पृथ्वी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी प्रदर्शन करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘शायद उन्होंने बेहतरी के लिए अपनी ट्रेनिंग आदतें बदल ली हों क्योंकि (उसकी सफलता) सिर्फ दिल्ली कैपिटल्स के लिए नहीं है। मुझे यकीन है कि आप आगामी वर्षो में उन्हें भारत के लिए काफी क्रिकेट खेलते हुए देखोगे।’


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