भाकियू टिकैत ने की 600 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य देने की मांग

भाकियू टिकैत ने की 600 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य देने की मांग
नकुड़ में भाकियू टिकैत की मासिक पंचायत में उपस्थित किसान नेता।

नकली कीटनाशकों की बिक्री पर रोक और बकाया गन्ना मूल्य का ब्याज सहित भुगतान कराने की उठाई मांग

नकुड़। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने सरकार से गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने और बाजार में बिक रही नकली कीटनाशक दवाओं पर रोक लगाने की मांग की है। शुक्रवार को क्षेत्र पंचायत सभागार में आयोजित संगठन की मासिक पंचायत में किसानों ने खेती में बढ़ती लागत और समस्याओं को लेकर नाराजगी जताई।

पंचायत में किसानों ने कहा कि रासायनिक खाद, कीटनाशक दवाओं और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि फसलों के उचित दाम नहीं मिल रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों का कहना था कि खेती के प्रति सरकार के कथित उपेक्षापूर्ण रवैये के चलते खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है। यही कारण है कि युवा खेती से दूरी बना रहे हैं।

किसान नेताओं ने मांग की कि गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया जाए। साथ ही, किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान ब्याज सहित कराया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।

बिजली कटौती और मनमाने बिलों पर जताई नाराजगी

मासिक पंचायत में किसानों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती की जा रही है, जिससे फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। वहीं, नलकूपों के मनमाने बिल भेजे जा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।

नकली कीटनाशकों की बिक्री पर कार्रवाई की मांग

किसानों ने आरोप लगाया कि बाजार में नकली कीटनाशक दवाएं खुलेआम बेची जा रही हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होने के साथ फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों से नकली कीटनाशकों की बिक्री पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की।

पंचायत में क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की मांग भी उठाई गई। प्रदेश सचिव मेवाराम ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन किसानों के हक की लड़ाई लड़ने के साथ सामाजिक बुराइयों के खिलाफ भी संघर्ष कर रही है।

इस मौके पर डॉ. इदरीश, संजय चौधरी, कमलेश चौधरी, प्रदीप ठाकुर, सरदार सुरेंद्र लाड़ी सहित कई किसान नेता मौजूद रहे।

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