ऑस्ट्रेलिया ने LAC विवाद पर भारत को सराहा, द. चीन सागर पर चीन का दावा ठुकराया

 

सिडनीः दक्षिण चीन सागर को लेकर चीन चारो तरफ से घिरता जा रहा है। दक्षिण चीन सागर में चल रहे तनाव के बीच अमेरिका, जापान और ऑस्‍ट्रेलिया की नेवी ने संयुक्‍त गश्‍त शुरू किया है। अमेरिका के दो एयरक्राफ्ट कैरियर इस इलाके में लगातार गश्‍त कर रहे हैं। अमेरिका पिछले कुछ दिनों में दो बार दक्षिण चीन सागर में अभ्‍यास कर चुका है। इस बीच भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त ने भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के साथ ऑस्ट्रेलिया और भारत के संबंधों, दोनों देशों के बीच व्यापार और कोरोना वायरस की स्थिति आदि पर अपने विचार साझा किए।PunjabKesari

ऑस्ट्रेलियाई राजदूत ने चीन के साथ सीमा विवाद में जहां भारत के रुख को सराहा तो कोरोना से जंग में भी भारत के प्रयासों की तारीफ की। दूसरी ओर दक्षिण चीन सागर में चीन की कार्रवाइयों को अवैध बताते हुए उन्होंने समुद्र क्षेत्र पर चीन के दावे को खारिज किया।  भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त बैरी ओ फैरेल ने गुरुवार को कहा कि ऑस्ट्रेलिया वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर संयम बरतने की अपील करता है और तनाव कम करने के लिए डी-एस्केलेशन को लेकर भारत के प्रयासों का समर्थन करता है।

उन्होंने कहा, ‘आज विदेश मंत्री की बैठक में मैंने उन्हें बताया कि ऑस्ट्रेलिया तनाव और अस्थिरता बढ़ाने वाले किसी भी एकतरफा कार्रवाई के प्रयास का विरोध करता है।’ फैरेल ने कहा, ‘यह जरूरी है कि द्विपक्षीय रूप से जिन सिद्धांतों और शर्तों पर सहमति जताई गई है, उनका पालन जारी रहना चाहिए। ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त ने कहा, ऑस्ट्रेलिया दक्षिण चीन सागर पर चीन के दावे को खारिज करता है। उन्होंने कहा कि हम दक्षिण चीन सागर में हो रही गतिविधियों को लेकर चिंतित हैं।

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 दक्षिण चीन सागर में चीन की गतिविधियों को लेकर फैरेल ने कहा, ‘पिछले सप्ताह, ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण चीन सागर पर चीन के अवैध दावे को मानने से इनकार करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव के साथ एक नोट जारी किया था। ये गतिविधियां अस्थिरता को जन्म देने वाली हैं। हमने इस नोट में उसी का हवाला दिया जो हमने साल 2016 के ट्रिब्यूनल के बाद कहा था जिसमें चीन के दावे को खारिज कर दिया गया था।’ ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त ने कहा कि भारत आत्मनिर्भर बनना चाहता है और व्यापार बढ़ाना चाहता है। हम भारत के साथ सहयोग करने के लिए और दोनों देशों के बीच निवेश बढ़ाने के लिए तत्पर हैं।

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भारत कई कारणों से आकर्षण का केंद्र बना है। हम स्पष्ट रूप से देख रहे हैं कि भारत में आर्थिक सुधार लाने और निवेश आकर्षित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।  भारत में कोरोना वायरस महामारी पर नियंत्रण को लेकर फैरेल ने कहा, ‘भारत के सही समय पर लिए गए निर्णायक फैसलों ने, खास तौर पर लॉकडाउन के शुरुआती चरण में, साफ तौर पर कई जिंदगियां बचाईं। भारत ने लॉकडाउन का इस्तेमाल कोविड अस्पतालों की संख्या, आइसोलेशन बेड और अपनी जांच क्षमताओं को बढ़ाने के साथ पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में किया।’

 
 

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