भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया

भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया
सहारनपुर में मोक्ष कल्याण मनाते श्रद्धालु।

सहारनपुर। जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पाश्र्वनाथ का मोक्ष कल्याणक श्रद्धा, भक्ति एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। श्री दिगंबर जैन मंदिर, भरत विहार, मल्हीपुर रोड में धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान पार्श्वनाथ का जन्म लगभग 2900 वर्ष पूर्व काशी नगरी में हुआ था। श्रावण शुक्ल पक्ष सप्तमी के पावन दिन शाश्वत सिद्धक्षेत्र श्री सम्मेद शिखर जी, जिला गिरिडीह, झारखंड स्थित स्वर्णभद्र कूट टोंक से उन्होंने मोक्ष पद प्राप्त किया था। इसी पावन स्मृति में जैन समाज द्वारा प्रतिवर्ष उनका मोक्ष कल्याणक श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है। मोक्ष कल्याणक के अवसर पर प्रातःकाल श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा विधि-विधानपूर्वक संपन्न हुई।

प्रथम अभिषेक पवन जैन किया गया। शांतिधारा में दाईं ओर से अमित जैन तथा बाईं ओर से अमित जैन ने भाग लिया। अभिषेक एवं शांतिधारा के पश्चात श्री जैनाचार्य कुमुदचंद्र द्वारा रचित श्री कल्याण मंदिर स्तोत्र विधान का आयोजन किया गया, जो पंडित जितेंद्र शास्त्री के निर्देशन में संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने भक्तिभावपूर्वक विधान में भाग लेकर भगवान पार्श्वनाथ की आराधना की। अभिषेक के उपरांत मनीष जैन, मनोज जैन, संदीप जैन एवं अर्चित जैन ने सामूहिक रूप से आरती की। वहीं पूजा जैन, रेखा जैन, रीना जैन, अनिता जैन, रजनी जैन, प्रीति जैन एवं आदेश जैन द्वारा मंडले पर कलश एवं मां जिनवाणी की स्थापना की गई।

धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत भगवान पाश्र्वनाथ को 23 किलोग्राम का निर्वाण लाडू श्रद्धापूर्वक समर्पित किया गया। लाडू समर्पण के साथ ही भगवान पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याणक का कार्यक्रम भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर जैन मंदिर कमेटी के अध्यक्ष मनीष जैन, कोषाध्यक्ष संदीप जैन, प्रतीक, युवान, आशीष मल्हीपुर सहित मंदिर कमेटी के पदाधिकारी, सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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