बंगाल के नतीजों पर अशोक गहलोत का बड़ा बयान, बोले- ‘ये परिणाम निराश करने वाले हैं लेकिन…’

बंगाल के नतीजों पर अशोक गहलोत का बड़ा बयान, बोले- ‘ये परिणाम निराश करने वाले हैं लेकिन…’

पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के चुनावी नतीजों पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने खासतौर से बंगाल के चुनावी परिणाम पर कहा कि इस परिणाम से पूरा देश निराश है. साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए इस जीत को बीजेपी के साथ चुनाव आयोगी की जीत करार दिया है.

पूर्व सीएम ने कहा, “हम सभी कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतंत्र बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं.इस देश को जरूरत कांग्रेस की है एवं कांग्रेस ही इस देश के लोकतंत्र को बचा सकती है. बंगाल सहित 3 राज्यों के नतीजे निराश करने वाले हैं परन्तु हम हतोत्साहित नहीं होंगे. आज के दिन राजस्थान सहित देश के सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संकल्प लेकर कठिन परिश्रम में जुट जाना चाहिए और उसी संकल्प पर आगे बढ़ना चाहिए.”

उन्होंने कहा, “संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) की जीत के लिए केरलम के मतदाताओं का हार्दिक आभार एवं गठबंधन के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को बधाई एवं शुभकामनाएं. यह जीत केरलम की धर्मनिरपेक्ष विचारधारा और UDF की जन कल्याणकारी नीतियों की जीत है.”

केरलम में सुशासन प्रदेन करेंगे- गहलोत

कांग्रेस नेता ने ये भी कहा, “कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सीपीपी चेयरपर्सन सोनिया गांधी और विपक्ष के नेता राहुल गांधी, वायनाड से सांसद और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के नेतृत्व में, कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार केरलम में सुशासन प्रदान करेगी. बाकी जगह पर नतीजे हमारे लिए निराशाजनक रहे हैं लेकिन जिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुश्किल परिस्थितियों में भी मेहनत से काम किया जिसके लिए वह धन्यवाद के पात्र हैं.”

‘बंगाल के नतीजों से पूरा देश निराश’

अशोक गहलोत ने आगे कहा, “खासकर बंगाल के नतीजों से तो पूरा देश निराश है. राहुल गांधी ने एकदम सही कहा कि टीएमसी सरकार पर समय समय पर आरोप लगे एवं उनकी खामियों की वजह से बीजेपी को घुसने का मौका मिल गया और अब बीजेपी ने वहां की सत्ता लूट ली. आजादी के बाद इस देश ने अनेक चुनाव देखे हैं, परंतु इस बार बंगाल में जो कुछ हुआ वह अभूतपूर्व एवं निंदनीय है.”

‘ये बीजेपी और चुनाव आयोग की जीत’

गहलोत ने आगे कहा, सीएपीएफ की बख्तरबंद गाड़ियां सड़कों पर उतारी गईं, मतदाताओं को डराया-धमकाया गया, पैसों का खुला वितरण हुआ और एसआईआर के माध्यम से लाखों वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे गए. लाखों की संख्या में पश्चिम बंगाल के निवासी अपनी ही जन्मभूमि में अपना वोट नहीं डाल सके, उससे बड़ा लोकतांत्रिक अपराध क्या होगा? यह केवल और केवल सत्ता के बल पर पाई गई जीत है. यह बीजेपी और उसके सहयोगी चुनाव आयोग की जीत है.

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