‘बर्तन सोने में ढलवा लिया..’, फतेहपुर चायवाला विवाद पर अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना
यूपी के फतेहपुर में चायवाले को लेकर हुए विवाद के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी और सरकार पर निशाना साधा है. सपा मुखिया ने अब एल्युमीनियम के बर्तन बनाने वाली कंपनियों और बड़े-बड़े ब्रांड्स को लेकर सवाल उठाया है और पूछा कि क्या इन लोगों पर भी छापेमारी की कार्रवाई की जाएगी.
इसके साथ ही अखिलेश यादव ने सरकार पर तंज कसते हुए एक्स पर पोस्ट किया और लिखा- ‘एक गरीब चायवाले को एल्युमीनियम का बर्तन इस्तेमाल करने पर सरकारी विभाग और भाजपाइयों के गुर्गों द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है, तो क्या दुनिया के बड़े ब्रैंड्स के बर्तन-कुकर बेचने या घरों में रखने पर भी छापेमारी होगी?
और हाँ ये भी दिखवा लीजिए कि जब आपके यहां खिचड़ी बनती है तो उसका बर्तन कहीं एल्युमीनियम का तो नहीं है या फिर उसको भी सोने में ढलवा लिया है.’
सपा अध्यक्ष ने दिए पीतल के बर्तन
इससे पहले रविवार को अखिलेश यादव ने चाय की दुकान वाले के बेटे आर्यन को लखनऊ में समाजवादी पार्टी के दफ़्तर में बुलाया, जहां मीडिया के सामने आर्यन ने पूरी बात बताई. जिसके बाद अखिलेश यादव ने आर्यन को पीतल के बर्तन भी उपहार में दिए. आर्यन ने बताया कि सपा अध्यक्ष उसकी दुकान पर चाय पीकर गए थे, जिसके बाद से उसे प्रताड़ित किया जा रहा है. उसने कहा कि उसे जान से मारने और एक्सीडेंट की भी धमकी दी गई है.
जानें क्या है पूरा विवाद?
दरअसल पूरा विवाद फतेहपुर के ‘शेषमन फेमस चायवाले’ की दुकान को लेकर है. दो महीने पहले अखिलेश यादव ने इस दुकान पर चाय पी थी. जिसके बाद दुकान के मालिक शेषमन के बेटे आर्यन यादव ने उसके परिवार को परेशान करने का आरोप लगाया और कहा कि फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारी उन्हें एल्युमीनियम के बर्तनों का इस्तेमाल करने की वजह से छापेमारी और कार्रवाई की धमकी दे रहे हैं और गाँव के दबंगों द्वारा भी उसे परेशान किया जा रहा है.
आर्यन ने उसने परिवार को प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया और ऐलान किया कि वो अपनी दुकान बंद कर देगा और गांव छोड़कर चला जाएगा. जिसके बाद ये मामला सुर्खियों में आ गया. सपा अध्यक्ष ने इस मामले को संज्ञान में लिया और उसकी पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए भरोसा दिलाया कि ‘डरने की ज़रूरत नहीं है, बुरे दिन जाने वाले हैं.’
