व्यापारियों ने रामलीला मैदान में रैली का किया विरोध तो खरगे बोले, ‘सभी दलों की 2 मांगे हैं’
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महंगाई और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने एक्स पर वीडियो शेयर कर आरोप लगाया कि त्योहार के मौसम में लोग कमतोड़ महंगाई से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार को इसकी बिल्कुल भी चिंता नहीं, क्योंकि वह केवल वोट चोरी करना जानते हैं. उन्होंने कहा कि देश में बड़े पैमाने पर वोट चोरी हुई है और अब भी हो रही है.
राज्यसभा में विपक्ष के नेता खरगे ने कहा, ‘करोड़ों भारतीयों का मत देने का संवैधानिक हक खतरे में है. इसके लिए CEC ज्ञानेश कुमार ही जिम्मेदार है. उन्होंने यह सब कुछ प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के कहने पर किया है. विपक्षी पार्टियों की मांगें हैं- ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और SIR प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए. इसी सिलसिले में 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में वोट बचाओ, देश बचाओ महा रैली होगी. आप से अपील है कि संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए, इस रैली में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले और इस मुहिम को सफल बनाए. जय संविधान, जय हिन्द.’
दिल्ली के व्यापारियों ने किया रैली का विरोध
कांग्रेस अध्यक्ष का बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में दिल्ली के व्यापारियों के संगठन ‘चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री’ (CTI) ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से इंडिया गठबंधन की रैली टालने की अपील की. उनका कहना था कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली 10 नवंबर के बाद की जाए. इसके जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष का आंदोलन तो महज सिर्फ 30 सेकंड में रुक जाएगा, लेकिन शर्त ये है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ज्ञानेश कुमार को हटा दें.
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की रैली होने वाली है. यह रैली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ और ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ अभियान के तहत आयोजित की जा रही है. दिल्ली पुलिस ने 25 अक्टूबर से 3 नवंबर के बीच रामलीला मैदान में इस रैली के लिए एनओसी (NOC) जारी कर दी है.
