‘मैं तो खुद पीएम मोदी को सत्ता से हटाने की बात कह रहा था…’, खरगे के कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ता की पिटाई
नई दिल्ली। रविवार को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई एक तीखी टिप्पणी को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
खरगे के इस बयान के बाद बीजेपी ने कड़ा विरोध जताया और आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने न केवल प्रधानमंत्री और उनके दिवंगत पिता का अपमान किया है, बल्कि पूरे देश की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।
भीड़ से आवाज के बाद खरगे ने दी तीखी प्रतिक्रिया
यह घटना बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित एक समारोह के दौरान हुई। खरगे मंच से भाषण दे रहे थे और चुनावी धांधली के आरोपों का जिक्र करते हुए कह रहे थे कि मोदी जेल जाएंगे। इसी दौरान भीड़ में से एक व्यक्ति ने कुछ कहा, जिससे हॉल में ‘मोदी नहीं जाएगा’ की आवाज सुनाई दी।
इस पर नाराज होकर खरगे ने मंच से पलटवार करते हुए कहा कि मोदी का बाप भी जाएगा। उन्होंने इस वाक्य को तीन बार दोहराया। इस टिप्पणी के बाद मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उस व्यक्ति को पकड़ लिया, उसके साथ मारपीट की और उसे कार्यक्रम स्थल से बाहर निकाल दिया।
कैसे पैदा हुई गलतफहमी?
हॉल से बाहर निकाले जाने के बाद संतोष कुमार ने खुद को हुड़दंगी या विरोधी मानने से इनकार किया और पूरे मामले में एक नया मोड़ सामने आया। संतोष ने दावा किया कि उनकी बात को आधा-अधूरा सुनकर गलत समझ लिया गया। उन्होंने कहा कि वे वास्तव में खुद मोदी को सत्ता से बाहर देखना चाहते हैं।
संतोष कुमार ने स्पष्ट करते हुए कहा कि मैं कह रहा था कि जब तक कोई विद्रोह नहीं होगा, तब तक मोदी नहीं जाएगा। लेकिन लोगों ने केवल आधा वाक्य सुना और गलतफहमी पैदा हो गई।
उन्होंने बताया कि खरगे जब भाषण दे रहे थे, तभी यह आधी आवाज गूंज गई और इसी वजह से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला कर दिया।
बीजेपी का कांग्रेस पर चौतरफा हमला
खरगे के इस बयान का वीडियो सामने आते ही बीजेपी नेताओं ने तीखा रुख अख्तियार कर लिया और देशभर में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की। केंद्रीय गृह मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि खरगे ने राजनीतिक शिष्टाचार और मर्यादा की सारी सीमाएं तोड़ दी हैं।
उन्होंने कहा कि यह पहला मौका नहीं है जब कांग्रेस ने मोदी या उनके परिवार के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया हो, इससे पहले भी उनकी पूज्य माताजी का अपमान किया गया, उन्हें मौत का सौदागर कहा गया और उनके गरीब पृष्ठभूमि से आने का मजाक उड़ाया गया।
वहीं बीजेपी प्रवक्ता तुहिन ए. सिन्हा ने भी इस बयान को अशोभनीय और अभद्र करार दिया, जबकि कांग्रेस की ओर से इसे आम बोलचाल का मुहावरा बताया गया।
