सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर सियासी बवाल, जानें क्या हैं ACB के आरोप

सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर सियासी बवाल, जानें क्या हैं ACB के आरोप

आम आदमी पार्टी (AAP) के वरीष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र जैन को दिल्ली की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने मंगलवार (18 अगस्त) शाम गिरफ्तार कर लिया. जैन समेत कुल 6 लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है. यह मामला दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) को अपग्रेड करने की टेंडर में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है. गिरफ्तारी के बाद जैन को मंगलवार देर रात मेडिकल जांच के लिए अरुणा आसफ अली अस्पताल ले जाया गया.

इस गिरफ्तारी के बाद से AAP बीजेपी पर हमालवर है और पार्टी के मुखिया ने दावा कर कहा कि पिछला केस भी फर्जी था और यह केस भी फर्जी साबित होगा. इसके साथ ही AAP का दावा है कि इस गिरफ्तारी का कनेक्शन सीधे पंजाब विधानसभा चुनावों से है क्योंकि जैन 2027 में होने वाले पंजाब चुनावों के लिए वहां AAP के सह-प्रभारी हैं.

ACB ने जैन को क्यों किया गिरफ्तार?

बता दें कि ACB द्वारा 11 मई 2024 को दर्ज FIR के आधार पर ही जैन सहित 6 लोगों को 18 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया है. इस मामले में ACB  पूर्व DJB CEO उदित प्रकाश राय, पूर्व कॉन्ट्रैक्टुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव और AN एंटरप्राइजेज के मालिक नागेंद्र यादव, यूरोटेक एनवायरनमेंटल प्राइवेट लिमिटेड (EEPL) के मालिक राजा कुमार कुर्रा और सृजनहार के मालिक पंकज वर्मा को गिरफ्तार किया है. मंगलवार को ही इनका मेडिकल जांच हो चुकी है और अब इन्हें कोर्ट में पेश कर ACB जैन की कस्टडी की मांग कर सकती है.

क्या है पूरा मामला?

अक्टूबर 2022 में दिल्ली जल बोर्ड ने 10 STP को अपग्रेड करने के लिए चार बड़े टेंडर जारी किए थे. इसकी लागत करीब ₹1,943 करोड़ बताई गई. आरोप है कि टेंडर की शर्तों में बदलाव कर EEPL को फायदा पहुंचाया गया था. 11 मई 2024 को ACB ने इस मामले में FIR दर्ज की थी. इसमें EEPL और अन्य को आरोपी बनाया था. ACB की FIR के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी जुलाई 2024 से मामले की जांच शुरू की थी.  ED ने मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच की तो सामने आया कि EEPL के एमडी राजाकुमार कुर्रा और सहयोगियों ने टेंडर के लिए कथित तौर पर 6.73 करोड़ रुपए की घूस दी थी.

सत्येंद्र जैन जेल में थे फिर कैसे बने दोषी?

हालांकि, जब ये टेंडर जारी हुए थे तब दिल्ली में AAP की सरकार थी और सत्येंद्र जैन दिल्ली के जल मंत्री थे, लेकिन वो शराब नीति मामले में जेल मई 2022 से ही जेल में थे. AAP का यही दावा है कि जब जैन ED की हिरासत में थे तो उन्होंने कैसे टेंडर जारी कर घोटाला कर दिया? सत्येंद्र जैन अक्टूबर 2024 में जेल से बाहर आये थे. हालांकि, ED का आरोप है कि टेंडर जारी करने के दौरान जो भी नेटवर्क घोटाले में शामिल था उस कथित मनी-लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से जैन भी जुड़े हुए थे क्योंकि टेंडर जब जारी हुआ था तब वो पद से हटे नहीं थे, वो DJB के चेयरमैन पद पर बने हुए थे. ACB इस आधार पर भी जांच कर रही है. हालांकि, अभी तक ये साफ नहीं है कि जैन के खाते में कितनी रिश्वत आई या उनकी भूमिका टेंडर जारी करने में क्या रही थी.

ACB  ने अभी क्या आरोप लगाए?

न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, ACB का आरोप है कि टेंडर के लिए कमीशन या रिश्वत का पैसा ‘सृजनहार’ और ‘AN एंटरप्राइजेज’ जैसी बिचौलिया कंपनियों के जरिए भेजा गया था. एजेंसी का आरोप है कि EEPL से जुड़ी कंपिनयों ने नागेंद्र यादव की प्रोप्राइटरशिप वाली फर्म को ट्रांसफर किया था. बैंकिंग चैनलों के माध्यम से 1.52 करोड़ रुपये उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों तक पंहुचाया गया. इसके बाद इस पैसे का इस्तेमाल अचल संपत्ति  खरीदने में किया गया था.  ACB इसी रकम की जांच कर रही है कि इसका कैसे कहां लेन-देन हुआ और कहां इसका इस्तेमाल किया गया.

गिरफ्तारी पर सियासी बवाल

इस पूरे मामले में एक तरफ बीजेपी अरविंद केजरीवाल पर दिल्ली की जनता को लूटने के आरोप लगा रही है तो दूसरी तरफ AAP ने इसे बदले की राजनीति करार दिया है. AAP का दावा है कि पंजाब चुनाव 2027 में होने हैं इसलिए बीजेपी इस तरह की राजनीति कर रही है. AAP की मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने दावा किया कि जैन की गिरफ्तारी सीधा कनेक्शन पंजाब विधानसभा चुनाव से है क्योंकि जैन पंजाब के लिए AAP के सह-प्रभारी हैं.

वहीं, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ​​ने कहा कि खुद को कट्टर ईमानदार बताने वाले केजरीवाल और उनके मंत्रियों घोटाले करने के परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं. इसके अलावा बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने भी AAP पर निशाना साधा और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए.

केजरीवाल ने लगाया बदले की राजनीति का आरोप

वहीं, केजरीवाल ने ट्वीट कर बीजेपी पर प्रतिशोध की राजनीति करने का आरोप लगाया और अपने सोशल  मीडिया हैंडल पर ट्वीट कर ACB की कार्रवाई पर हमला बोला है. उन्होंने लिखा, ‘सत्येन्द्र जैन को एक बार फिर बीजेपी ने गिरफ्तार करवा दिया है. अभी कुछ वक्त पहले इन लोगों ने जेल में डालकर उनकी जो दुर्दशा की थी, वह सबको याद है. पिछला केस भी फर्जी था और यह केस भी फर्जी साबित होगा.

केजरीवाल ने बीजेपी पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए लिखा, ‘आखिर कब तक बीजेपी की ये तानाशाही चलती रहेगी? जिसे मन करता है, झूठे आरोप लगाकर जेल में डाल देते हैं. इनका झूठ एक बार फिर देश के सामने आएगा, लेकिन जेल में बिताए उस वक्त और मानसिक प्रताड़ना की भरपाई कौन करेगा?

केजरीवाल ने अंत में लिखा, ‘बीजेपी के पाप का घड़ा अब भर चुका है. ये चाहे जितनी तानाशाही कर लें, अब मोदी सरकार का अंत तय है. पूरी आम आदमी पार्टी और देश की जनता सत्येन्द्र जैन जी के साथ मजबूती से खड़ी है.’

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