दशलक्षण महापर्व के दूसरे दिन मनाया उत्तम मार्दव धर्म
जैन मंदिरों में अभिषेक, शांतिधारा और विशेष पूजन, अहंकार त्यागकर विनम्रता अपनाने का दिया संदेश
सहारनपुर। दशलक्षण महापर्व के दूसरे दिन गुरुवार को सकल जैन समाज की ओर से उत्तम मार्दव धर्म श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नगर के विभिन्न जैन मंदिरों में प्रातःकाल जिनेंद्र भगवान का अभिषेक, शांतिधारा, षोडश कारण एवं उत्तम मार्दव धर्म की पूजा सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए गए। बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेकर पुण्यार्जन किया।
परमाउंट स्थित जैन मंदिर, खजांची जी दीपावली बाजार, पुराना हलवाई हट्टा स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर तथा टोली संगियान जैन मंदिर में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ भगवान का अभिषेक, शांतिधारा एवं विशेष पूजन किया। इसके साथ ही स्वाध्याय और धर्म चर्चा के माध्यम से उत्तम मार्दव धर्म के महत्व को समझाया गया।
जैन दर्शन के अनुसार उत्तम मार्दव धर्म का अर्थ मान, अभिमान और अहंकार का त्याग कर जीवन में विनम्रता और सरलता को अपनाना है। धन, पद, प्रतिष्ठा, ज्ञान, रूप अथवा कुल का अहंकार व्यक्ति को आत्मकल्याण के मार्ग से दूर करता है। यह धर्म मनुष्य को सिखाता है कि वास्तविक महानता बाहरी वैभव में नहीं, बल्कि नम्र व्यवहार, मृदु वाणी और सरल स्वभाव में निहित है।
विश्व जैन संगठन, सहारनपुर के अध्यक्ष अरिहंत जैन एडवोकेट ने कहा कि दशलक्षण महापर्व का उत्तम मार्दव धर्म व्यक्ति को अपने भीतर के अहंकार को पहचानकर उसका त्याग करने तथा प्रत्येक जीव के प्रति सम्मान और मैत्री का भाव रखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि दशलक्षण पर्व के दसों धर्मों को दैनिक जीवन और व्यवहार में अपनाने से परिवार एवं समाज में प्रेम, सद्भाव और शांति की भावना और मजबूत हो सकती है।
उन्होंने बताया कि महापर्व के आगामी दिनों में उत्तम आर्जव, उत्तम शौच, उत्तम सत्य, उत्तम संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम आकिंचन्य एवं उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के माध्यम से आत्मशुद्धि और संयम का संदेश दिया जाएगा।
टोली संगियान जैन मंदिर में उत्तम मार्दव धर्म के अवसर पर जिनेंद्र भगवान का अभिषेक, शांतिधारा एवं विधि-विधानपूर्वक पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने उत्तम मार्दव धर्म के स्वरूप पर स्वाध्याय और धर्म चर्चा करते हुए मान-अभिमान तथा अहंकार का त्याग कर विनम्रता अपनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर चौधरी अजित जैन, ऋषभ जैन कोषाध्यक्ष, अनीश जैन मंत्री, पंकज जैन प्रबंधक, मोहित जैन, अतुल जैन, रजत जैन, मयूर जैन, रजत जैन टिंकू, ऋषभ जैन नोनू, प्रियंका जैन, गीता जैन, रविंद्र जैन, अरविंद जैन, अनुज जैन टिनी, आकृति जैन, पारुल जैन, प्रेरणा जैन, चांदनी जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
खजांची जी जैन मंदिर में अवनीश जैन, वैभव जैन, अनिल जैन, संयम जैन, नमन जैन, निशांत जैन, मुकेश जैन, दीपक जैन एवं प्रदीप जैन तथा परमाउंट जैन मंदिर में अध्यक्ष विपिन जैन, महामंत्री संदीप जैन, मंत्री अनिल जैन और कोषाध्यक्ष कुलदीप जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता की।
