राहुल गांधी की भाषा पर पीयूष गोयल का पलटवार, बोले- यह उनकी Frustration दिखाती है

राहुल गांधी की भाषा पर पीयूष गोयल का पलटवार, बोले- यह उनकी Frustration दिखाती है

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी की ‘टॉफी’ वाली टिप्पणी और ‘गद्दारी’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि ‘गालियां कमजोरों का हथियार हैं’। उन्होंने राहुल की नकारात्मक मानसिकता के विपरीत प्रधानमंत्री मोदी के सफल पांच देशों के दौरे की सराहना की, जिससे भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ी है।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि वैश्विक समुदाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा करता है, जबकि गांधी अपने बयानों में लगातार नकारात्मक मानसिकता व्यक्त कर रहे हैं। एएनआई से बात करते हुए गोयल ने कहा कि राहुल गांधी के भाषणों और बयानों में उनकी हताशा झलकती है और जनता ने उन्हें बार-बार नकार दिया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो पूरी दुनिया भारत और प्रधानमंत्री को बड़े भरोसे की नजर से देखती है। दूसरी तरफ, नकारात्मक सोच वाले राहुल गांधी अपने बयानों और भाषणों में बार-बार अपना यही स्वभाव और चरित्र दिखा रहे हैं।

गोयल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया। गोयल ने कहा कि यह अलग बात है कि भारत की जनता उन्हें एक के बाद एक नकार रही है… उनकी हताशा और खुद से पैदा हुई भावनाएं, और जिस तरह से उन्होंने अपशब्दों और प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया है, वह साफ दिखता है। राहुल गांधी द्वारा राजनीतिक हमलों में गद्दारी शब्द के प्रयोग पर सवाल उठाते हुए मंत्री ने कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि क्या नक्सलवाद का खात्मा करना गद्दारी है? या कांग्रेस शासन में वर्षों तक नक्सलवाद को पनपने देना गद्दारी है? कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार जिस तरह से घुसपैठियों का समर्थन करते हैं, वह गद्दारी है।

गोयल ने राहुल गांधी की भाषा को कमजोरी का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह स्पष्ट है कि राहुल गांधी जिस शब्दावली का इस्तेमाल करते हैं, उसे अंग्रेजी में ‘गालियां कमजोरों का हथियार होती हैं’ कहा जाता है। उन्होंने आगे कहा कि यह स्पष्ट है कि देश अब राहुल गांधी की कमजोरियों, गांधी परिवार और कांग्रेस पार्टी की विफलताओं, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा को देख रहा है।

गोयल ने प्रधानमंत्री मोदी की हालिया पांच देशों की यात्रा को भारत की वैश्विक पहुंच और आर्थिक कूटनीति के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान, भारत पांच दिनों में पांच देशों में सुर्खियों में रहा… इन देशों में भारतीय मूल के लोगों ने उनका सम्मान किया। इससे यह स्पष्ट संदेश मिला कि भारत विश्व मंच पर बहुत मजबूती से खड़ा है। दुनिया भारत को सम्मान की नजर से देखती है। आज पूरी दुनिया प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को सम्मान और आदर की नजर से देखती है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने निवेश, व्यापार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, रक्षा सहयोग और ऊर्जा साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए 50 से अधिक वैश्विक कंपनियों के सीईओ के साथ बैठकें कीं। ये टिप्पणियां राहुल गांधी द्वारा हाल ही में सरकार की आलोचना के बाद चल रही राजनीतिक उठापटक के बीच आईं। कांग्रेस नेता ने वैश्विक तनावों के कारण आर्थिक तूफान की चेतावनी दी और प्रधानमंत्री की विदेश नीति और आर्थिक जोखिमों के प्रबंधन पर सवाल उठाए। गांधी ने प्रधानमंत्री की पांच देशों की यात्रा की भी आलोचना की, जिसमें रोम में हुई मुलाकात के दौरान पीएम मोदी द्वारा इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफियों का पैकेट भेंट करने का चर्चित मेलोडी मोमेंट भी शामिल है।

 

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