‘मैंने अपनी मां को डूबते हुए देखा’, जबलपुर क्रूज हादसे में बचे युवक ने बयां किया दर्द
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी बांध में गुरुवार शाम हुए दर्दनाक क्रूज हादसे में 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। अचानक आए तूफान और तेज लहरों के बीच पर्यटकों से भरी क्रूज नाव पलटने से देखते ही देखते कई जिंदगियां पानी में समा गईं।
इस भयावह हादसे के दौरान कई लोगों ने अपने आंखों के सामने अपनों को लहरों में खोते हुए देखा गया। इस दुर्घटना में बचे सैयद रियाज हुसैन ने कहा कि मैंने अपनी मां को डूबते हुए देखा। जबलपुर निवासी सैयद रियाज हुसैन का कहना है कि उनकी पत्नी, पोता और भाभी अभी भी लापता हैं।
दरअसल, जबलपुर में एक क्रूज पर सवार छह लोगों का एक परिवार हंसी से लोटपोट हो रहा था। तभी अचानक क्रूज में पानी भर गया। बेटी ने अपने पिता का हाथ पकड़ रखा था, तभी उसने अपनी दादी को डूबते हुए देखा और मां, भाई और दादाजी अफरा-तफरी में खो गए।
क्रूज हादसे में बचे पीड़ित ने पीड़ा और भ्रम से भरी आंखों से कहा कि मेरी मां और भाई लापता हैं, मुझे मेरे दादाजी मिल गए हैं।
अब तक 9 लोगों की मौत
गौरतलब है कि अचानक आए तूफान के बीच नर्मदा नदी पर बरगी बांध पर स्थित क्रूज नाव के पलट जाने से नौ लोगों की मौत हो गई और कई लोग लापता हैं। सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमें खोज और बचाव अभियान चला रही हैं।
तलाशी अभियान के दौरान, एक महिला और उसके बेटे के शव बरामद किए गए, जो एक-दूसरे को पकड़े हुए थे।
लाइफ जैकेट के मुद्दे पर होगी जांच
मध्य प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने पीटीआई को बताया कि मामले की गहन जांच की जाएगी और जीवित बचे लोगों में से एक द्वारा उठाए गए लाइफ जैकेट के मुद्दे की भी जांच की जाएगी। जबलपुर के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) अतुल सिंह ने कहा कि कुछ शव अभी भी अंदर होने की आशंका है, लेकिन कम दृश्यता के कारण सही संख्या का पता लगाना मुश्किल हो रहा है।
मृतकों को मिलेगा मुआवजा
मृतकों के परिवारों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से 2 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।
