डा0 अमरीश सैनी सुक्ष्मएल्गी की नईप्रजाति की खोज कर बढाया नकुड का गौरव
- जल श्रोतो से विषैले प्रदुषकों को कम करने मे कारगर है यह सुक्ष्म एल्गी
नकुड 16 मई इंद्रेश। नसरूल्लागढ निवासी शोधार्थी डा0 अमरीश सैनी ने एक नये सुक्ष्म शैवाल की खोज की है। यह शैवाल प्रदुषण को दूर करने मे कारगर सिद्ध हुआ हैं। उनकी इस खोज से क्षेत्र का नाम रोशन हुआ है। जिससे प्रदुषण की भीषण समस्या का समाधान निकल सकेगा।
डा0 अमरीश सैनी ने चै0 चरणसिंह विश्वविद्यालय के वनस्पति विभाग मार्गदर्शन में यह उपलब्धि हासिंल की है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने शोध निर्देशक डा0 रामाकांत के निर्देशन मे सहारनपुर की शिवालिक पहाडियों मे इस सुक्ष्म एल्गी का पता लगाया है। छः वर्षो की इस कडी मेहनत बाद मिली इस सुश्म एल्गी का नाम कोलेस्टरेला फूसीफेरा हैं । उनके अनुसार इस नई प्रजाति में जंहा एक ओर औषधीय गुण हैं वही दुसरी ओर यंह वैल्युऐडिड प्रोडेक्ट का भंडार भी है। यह एक शक्तिशाली बायोंरेमेडीएशन ऐजेंट के रूप मे काम करता हैं । साथ ही यह जल श्रौतो से विषैले प्रदुषको को सोखने मे अन्य प्रजातियो से अधिक कारगर साबित हुआ है।
उन्होंने अपनी इस सफलता के लिये डा0 रमाकांत के अलावा डा0 ज्योतीसिंह , व निर्लेप कौर का आभार जताया कहा कि उनके मार्गदर्शन से ही यह संभव हो पाया। उनकी इस उपलब्धि पर ओमप्रकाश सैनी एडवोकेट , इंद्रेश त्यागी, सत्यपाल सैनी, आदि ने डा0 अमरीश सैनी को बधाई दी है। कहा कि इससे जंहा क्षेत्र का गौरव बढा है वहंी इससे अंतर्राष्टरीय स्तर पर भी डा0 अमरीश को पहचान मिली है।
