महाराष्ट्र में नए नियमों से बढ़ीं मुख्यमंत्री की शक्तियां, अब मंत्रियों के फैसले बदल सकेंगे CM देवेंद्र फडणवीस
महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने शासन के कामकाज से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के तहत मुख्यमंत्री को जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी मंत्री के फैसले को बदलने, संशोधित करने या उसे रद्द करने का अधिकार मिल गया है।
लिखित में बताना होगा कारण
नए प्रावधान के मुताबिक, अगर मुख्यमंत्री किसी मंत्री के फैसले में हस्तक्षेप करते हैं तो उन्हें इसके कारण लिखित रूप में दर्ज करने होंगे। हालांकि, अर्ध-न्यायिक मामलों में मुख्यमंत्री को इस अधिकार का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। विभाग के नियमित प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारी संबंधित मंत्री के पास ही रहेगी।
फाइल और दस्तावेज भी मंगा सकेंगे CM
नए नियम मुख्यमंत्री को किसी भी विभाग से आधिकारिक दस्तावेज, फाइल या रिकॉर्ड मंगाने की शक्ति भी देते हैं। संबंधित मंत्री और विभागीय सचिव को मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करना होगा।
1975 के नियमों की जगह नया ढांचा
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार ने ‘महाराष्ट्र सरकार कार्यपद्धति नियम, 2026’ को अधिसूचित किया है। इससे राज्य में शासन के कामकाज से जुड़े पुराने नियमों और प्रक्रियाओं की जगह नया ढांचा लागू हुआ है। यह बदलाव मुख्यमंत्री के स्तर पर निर्णय लेने की शक्ति को पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट करता है।
इस बदलाव को प्रशासनिक निर्णयों में मुख्यमंत्री की भूमिका मजबूत होने के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, इससे राज्य सरकार के भीतर अधिकारों के केंद्रीकरण और मंत्रियों की स्वायत्तता को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो सकती है।
