डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण से पहले कांग्रेस का बड़ा फैसला, सिद्धारमैया को CWC में मिली अहम जिम्मेदारी

डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण से पहले कांग्रेस का बड़ा फैसला, सिद्धारमैया को CWC में मिली अहम जिम्मेदारी

कर्नाटक में डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद की शपथ से ठीक पहले कांग्रेस नेतृत्व ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) का सदस्य नियुक्त किया है। सीडब्ल्यूसी कांग्रेस की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था मानी जाती है, जहां पार्टी की महत्वपूर्ण रणनीतियों और नीतिगत फैसलों पर चर्चा होती है।

कांग्रेस द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, सिद्धारमैया की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। इसे पार्टी नेतृत्व द्वारा उनके राजनीतिक अनुभव और संगठन में योगदान को देखते हुए लिया गया अहम निर्णय माना जा रहा है।

आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे डीके शिवकुमार

कर्नाटक की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत करते हुए 64 वर्षीय डीके शिवकुमार बुधवार शाम मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। वह राज्य के 34वें मुख्यमंत्री बनेंगे। उनके साथ मंत्रिमंडल के पहले चरण में करीब 10 विधायक और नेता मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। इनमें सिद्धारमैया के पुत्र और विधान परिषद सदस्य यतींद्र सिद्धारमैया का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है।

शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे राहुल गांधी और खरगे

बेंगलुरु में आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मौजूदगी भी तय मानी जा रही है। कांग्रेस नेतृत्व इस आयोजन के जरिए एकजुटता का संदेश देने की तैयारी में है।

सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल के पहले चरण में कई अनुभवी नेताओं के साथ कुछ युवा चेहरों को भी मौका दिया जा सकता है। इनमें प्रियांक खरगे और कृष्णा बायरेगौड़ा जैसे नेताओं के नाम चर्चा में हैं।

जातीय और सामाजिक संतुलन पर रहेगा जोर

कांग्रेस नए मंत्रिमंडल के गठन में सामाजिक और जातीय संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है। संभावित मंत्रियों में लिंगायत समुदाय से एमबी पाटिल और ईश्वर खंड्रे, दलित वर्ग से जी परमेश्वर, वोक्कालिगा समुदाय से रामलिंगा रेड्डी, अनुसूचित जनजाति वर्ग से सतीश जरकीहोली और ईसाई समुदाय से केजे जॉर्ज के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।

मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधित्व देने के लिए यूटी खादर का नाम भी चर्चा में है। वहीं पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के प्रतिनिधित्व के लिए यतींद्र सिद्धारमैया और दलित चेहरे के तौर पर प्रियांक खरगे को जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है।

कुछ मौजूदा मंत्रियों पर गिर सकती है गाज

नई कैबिनेट के गठन के दौरान कुछ मौजूदा मंत्रियों को बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है। राजनीतिक गलियारों में शिवराज तंगदागी, मंकल वैद्य, बिरथी सुरेश और ज़मीर अहमद खान के नाम संभावित रूप से प्रभावित नेताओं में गिने जा रहे हैं।

इसके अलावा, सरकार गठन की प्रक्रिया के साथ उपमुख्यमंत्री पद और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री बनने के बाद संगठन में नई नियुक्तियों का रास्ता खुल सकता है।

कुल मिलाकर, डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण से पहले सिद्धारमैया को सीडब्ल्यूसी में शामिल करने का फैसला कांग्रेस की ओर से संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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