अवैध भंडारण पर बड़ी कार्रवाईः दो स्टोन क्रेशरों की लाइसेंस निलंबित, 40 लाख रुपये से अधिक राजस्व क्षति उजागर
सहारनपुर। जनपद में अवैध खनन एवं उपखनिज भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बेहट क्षेत्र के दो स्टोन क्रेशरों की भंडारण अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी है। जांच में दोनों इकाइयों पर अवैध भंडारण और ओवरलोड उपखनिज परिवहन के मामले सामने आए हैं, जिससे राज्य सरकार को 40 लाख रुपये से अधिक के राजस्व नुकसान का अनुमान है। खनिज विभाग के अनुसार खान निरीक्षक सहारनपुर एवं नायब तहसीलदार बेहट ने 19 जून को ग्राम शहजादपुर बांस स्थित मैसर्स महारानी एंटरप्राइजेज तथा ग्राम बरथा कोरसी स्थित मैसर्स बाबा बन्सी स्टोन क्रेशर का निरीक्षण किया।
जांच में मैसर्स महारानी एंटरप्राइजेज परिसर में 7192 घनमीटर उपखनिज भंडारित पाया गया, जबकि विभागीय पोर्टल के अनुसार 4686 घनमीटर उपखनिज ही परिवहन के लिए अवशेष था। इस प्रकार 2506 घनमीटर उपखनिज का अवैध भंडारण पाया गया। साथ ही सीसीटीवी फुटेज की जांच में ओवरलोड वाहनों से उपखनिज निकासी तथा बीच-बीच में कैमरे बंद पाए गए। विभाग ने इससे राज्य सरकार को लगभग 29.05 लाख रुपये के राजस्व नुकसान का आकलन किया है।
वहीं मैसर्स बाबा बन्सी स्टोन क्रेशर में भी सीसीटीवी जांच के दौरान ओवरलोड वाहनों से उपखनिज निकासी और आरबीएम (रिवर बेड मैटेरियल) का भंडारण पाया गया। पैमाइश में 6474 घनमीटर उपखनिज भंडारित मिला, जबकि पोर्टल के अनुसार 5767 घनमीटर उपखनिज ही अवशेष था। इस प्रकार 707 घनमीटर उपखनिज का अवैध भंडारण सामने आया, जिससे करीब 11.78 लाख रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान है।
अनियमितताएं पाए जाने पर दोनों स्टोन क्रेशरों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उनकी भंडारण अनुज्ञप्ति निलंबित कर दी गई है। जिलाधिकारी के निर्देशन में गठित टास्क फोर्स द्वारा जनपद में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
