CBSE अधिकारियों के तबादले पर केजरीवाल का हमला, बोले- ‘क्या इतने बड़े मामले में सिर्फ यही कार्रवाई होगी?’
सीबीएसई की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को लेकर उठे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए बोर्ड के चेयरमैन और सचिव का तबादला कर दिया है। साथ ही 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में इस्तेमाल की गई डिजिटल प्रणाली की खरीद और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का फैसला किया गया है।
सरकार की इस कार्रवाई के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या इतने बड़े विवाद में केवल अधिकारियों का तबादला ही पर्याप्त कार्रवाई है।
‘तबादला सजा है या बचाव?’ : केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सीबीएसई के चेयरमैन और सचिव का तबादला कर देना मामले की गंभीरता के मुकाबले बेहद मामूली कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों की चिंताओं का समाधान नहीं होता।
केजरीवाल ने कहा कि इस फैसले से ऐसा संदेश जाता है मानो सरकार वास्तविक जवाबदेही तय करने के बजाय केवल औपचारिक कार्रवाई कर रही हो। उन्होंने इसे छात्रों और अभिभावकों की भावनाओं की अनदेखी बताते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की।
शिक्षा मंत्री को लेकर भी उठाए सवाल
आप प्रमुख ने कहा कि बोर्ड परीक्षा से जुड़े विवाद को लेकर देशभर में नाराजगी देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने दावा किया कि सरकार का रुख यह संकेत देता है कि शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय करने से बचा जा रहा है।
ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को लेकर उठा है विवाद
दरअसल, सीबीएसई की 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए अपनाई गई ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) प्रणाली को लेकर हाल के दिनों में कई सवाल उठे थे। इसी विवाद के बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच कराने और प्रशासनिक बदलाव करने का निर्णय लिया।
नए चेयरमैन और सचिव की नियुक्ति
सरकार ने वरिष्ठ नौकरशाह लोखंडे प्रशांत सीताराम को सीबीएसई का नया चेयरमैन और वरुण भारद्वाज को नया सचिव नियुक्त किया है। वहीं, मौजूदा चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को उनके पदों से हटा दिया गया है।
केंद्र सरकार का कहना है कि जांच समिति पूरे मामले की समीक्षा करेगी और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं विपक्ष इस मामले में व्यापक जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है।
