कांग्रेस सांसद ने योगी सरकार पर साधा निशाना
कहा-उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने शिक्षा को बनाया वयापार: इमरान मसूद
कांग्रेसजनों ने लखनऊ अग्निकांड पर दुःख, मृतक बच्चों के प्रति व्यक्त की संवेदना
सहारनपुर। सांसद इमरान मसूद ने कहा कि पिछले 12 वर्ष के भाजपा शासन में शिक्षा को व्यापार बनाने का काम किया गया। इमरान मसूद ने कहा कि देश के गरीबों, पिछड़ों, दलितों और सभी युवाओं के लिए उत्तम शिक्षा सुनिश्चित करना देश व प्रदेश की सरकारों का काम है और इसी को ध्यान में रखते हुए सरदार मनमोहन सिंह की सरकार देश में शिक्षा का अधिकार कानून लाई, लेकिन भाजपा सरकार का इस तरफ कोई ध्यान नहीं, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण है, की सरकार शिक्षा के बजट को बढ़ाने की बजाय घटा रही है । लखनउ की घटना की प्रति दुःख व्यक्त करते हुए सरकार से मानको की जांच की मांग की है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर एक समन्वित राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत आज उत्तर प्रदेश के सभी मंडल मुख्यालय में पत्रकार वायताओं का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिला एवं महानगर कांग्रेस के संयुक्त तत्वावधान में सहारनपुर मंडल की एक पत्रकार वार्ता आज जिला कांग्रेस मुख्यालय में पर सांसद काजी इमरान मसूद ने संबोधित किया। पत्रकारों से वार्ता करते हुए सांसद इमरान मसूद ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में लगभग दर्जनों परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाएं सामने आ रही है और अब सरकार पेपर लीक होने के बाद प्रश्न पत्रों को सुरक्षित परीक्षा केदो तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायु सेना कुछ जिम्मेदारी देकर पूरे प्रकरण में लीपापोती करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि जहां पेपर लीक होता है उसे स्तर पर कार्यवाही नहीं की जा रही है। इमरान मसूद ने कहा कि हमारे देश में अगर आंकड़ों को देखा जाए तो 3000 बच्चों में से 1 आईएएस बनता है, 30 बच्चे आईआईटी में जाते हैं और 180 बच्चे डॉक्टर बनते हैं, जबकि शेष बच्चे इस तनावपूर्ण, अन्यायपूर्ण और क्रूर सिस्टम के चलते अपने भविष्य में सफलता के केवल ख्वाब देखते रह जाते हैं। उन्होंने इसे सिलेक्शन नहीं, रिजेक्शन सिस्टम बताया।
इमरान मसूद ने सरकार की नीतियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि देश में नीट का एग्जाम देने वाले बच्चों के परिवार उनकी तैयारी में प्रतिवर्ष रुपए 1.32 लाख करोड़ खर्च करते हैं, जबकि भारत सरकार का शिक्षा बजट मात्र 1.4 लाख करोड रुपए है और ये आंकड़े शिक्षा के प्रति सरकार की प्राथमिकता को दर्शाते है। उन्होंने भारत की शिक्षा व्यवस्था को वसूली तंत्र बताते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार इन पांचो मंत्रालयों को इन परिवारों से एकत्रित की गई इस धनराशि से ही चला रही है, और शिक्षा व छात्रों के साथ कोई न्याय नहीं कर रही है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा की 1000 में से केवल 12 बच्चे सैलरी वाले फॉर्मल रोजगार पाते हैं, जबकि इंजीनियरिंग की उच्च शिक्षा प्राप्त 80ः इंजीनियर बेरोजगार रहकर काम की तलाश में ही घूमते रहते हैं।
पत्रकार वार्ता में जिलाध्यक्ष संदीप सिंह राणा, महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी, पूर्व विधायक मसूद अख्तर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता जावेद साबरी, जिला प्रवक्ता गणेश दत्त शर्मा, जिला उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी नितिन शर्मा, सांसद प्रतिनिधि संदीप वर्मा, रईस मालिक, जिला पंचायत सदस्य सुदेश प्रधान, इनाम प्रधान, सेवादल जिला अध्यक्ष इमरान कुरेशी, डॉ माजिद, हरिओम मिश्रा, प्रभजीत सिंह लांबा, जिला कार्यालय सचिव नसीब खान, मयंक शर्मा, सागर राणा, शाहबाज आजाद आदि कांग्रेसजन मौजूद रहे।
