‘भय और बंदूक के साये से नक्सलमुक्त हुआ बस्तर’, जगदलपुर में बोले अमित शाह

‘भय और बंदूक के साये से नक्सलमुक्त हुआ बस्तर’, जगदलपुर में बोले अमित शाह

नई दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में कहा कि आज बस्तर की जनता में उत्साह, विश्वास और भविष्य के प्रति आश्वस्तता का वातावरण सर्वत्र नजर आता है।

उ्न्होंने कहा कि भय का माहौल, बंदूकों के साये में जीवन जीने का दौर आज समाप्त हुआ है और आज पूरा बस्तर मुक्त सांस ले रहा है। हम सबके लिए यह बड़े आनंद का विषय है कि बस्तर नक्सलमुक्त हो गया है।

कुछ तिथियों का बड़ा महत्व- अमित शाह

शाह ने कहा कि इसमें कुछ तिथियों का बड़ा महत्व है। पहली तिथि 13 दिसंबर 2023, जब छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में बनी। केंद्र में मोदी सरकार पहले भी थी, लेकिन यहां कांग्रेस की सरकार थी। मैं निःसंकोच कहना चाहता हूं कि ढेर सारी गैर-भाजपा सरकारों ने नक्सलमुक्त आंदोलन में हमारा सहयोग किया है, लेकिन कांग्रेस की सरकार ने नहीं किया।

देश से नक्सलवाद का संपूर्ण उन्मूलन हो गया- अमित शाह

13 दिसंबर 2023 को यहां भाजपा सरकार बनने के बाद हमने बस्तर में बचे हुए नक्सलवाद को समाप्त करने की फिर से कवायद की। दूसरी तिथि 24 अगस्त 2024, जब सभी राज्यों के DG की बैठक के बाद घोषणा की गई कि 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद के आतंक से मुक्त कर दिया जाएगा। तीसरी तिथि 31 मार्च 2026, सुरक्षा बलों के पराक्रम, साहस और बलिदान के कारण निर्धारित तिथि से पहले ही देश से नक्सलवाद का संपूर्ण उन्मूलन हो चुका था।

चौथी तिथि 19 मई 2026…जब से नक्सलवाद नक्सलबाड़ी से फैलना शुरू हुआ, उसके पक्षधर बुद्धिजीवी यह बताते रहे कि नक्सलवाद इसलिए पनपा क्योंकि विकास उन क्षेत्रों में नहीं पहुंचा। जबकि सच यह था, विकास न पहुंचने का कारण ही नक्सलवाद था।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संपूर्ण विकास की परिकल्पना को लॉन्च किया- शाह

देश में ऐसे भी क्षेत्र थे जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से भी पिछड़े हुए थे, लेकिन वहां नक्सलवाद नहीं हुआ और वे धीरे-धीरे आगे बढ़ गए, लेकिन बस्तर पीछे रह गया। 19 मई 2026 वह तिथि है, जब से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संपूर्ण विकास की परिकल्पना को लॉन्च किया जा रहा है।

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