पाइनवुड स्कूल के छात्रों की भक्ति प्रस्तुति ने मोहा मन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष बिखेरा संस्कारों का जलवा

पाइनवुड स्कूल के छात्रों की भक्ति प्रस्तुति ने मोहा मन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष बिखेरा संस्कारों का जलवा
  • सहारनपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समश सांस्कृतिक प्रस्तुति देती छात्राएं।

सहारनपुर। महानगर की प्रमुख शिक्षण संस्था पाइनवुड स्कूल के छात्र-छात्राओं ने आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह के दौरान माँ डाट काली देवी मंदिर में भजन एवं आरती की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। बच्चों की मधुर स्वर लहरियों और श्रद्धा से ओतप्रोत प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया, जिससे कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोग भाव-विभोर हो उठे।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ संजीव जैन के नेतृत्व में तैयार की गई इस प्रस्तुति की हर ओर सराहना हो रही है। डॉ संजीव जैन के मार्गदर्शन में छात्र न केवल शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि उनमें संस्कार, अनुशासन और भारतीय संस्कृति के प्रति गहरा लगाव भी विकसित हो रहा है। यही कारण है कि विद्यालय के छात्र बड़े मंचों पर भी आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।

प्रधानाचार्य डॉ संजीव जैन की शिक्षा पद्धति की विशेषता यह है कि वे बच्चों को केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार और संस्कारी नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं। उनके सतत प्रयासों का ही परिणाम है कि पाइनवुड स्कूल के छात्र आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। प्रस्तुति देने वाले बच्चों में आरंभ राणा, भव्या नरूला, मानवी अरोड़ा, श्री श्रीवास्तव, वाणी अरोरा, वेदिका, आराध्या कपूर, जन्नत ढींगरा, यशस्वी चैजर, काव्या डावरा, मान्या बठला, आध्या शर्मा, तनिष्का त्यागी शामिल रहे। इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉक्टर संजीव जैन, कोरियोग्राफर प्रिया बजाज, आकाश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ अरविंद कुमार पाठक भी मौजूद रहे।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ संजीव जैन ने कहा कि यह विद्यालय और सहारनपुर के लिए गर्व का विषय है कि विद्यार्थियों को इतने बड़े मंच पर अपनी संस्कृति और आस्था को प्रस्तुत करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि बच्चों में ऐसे संस्कार विकसित करना है जिससे वे भविष्य में देश और समाज के लिए उपयोगी नागरिक बन सकें।


Leave a Reply