‘SIR पर किसी का नहीं था ध्यान, मैंने शुरू…’, ममता बनर्जी का चौंकाने वाला बयान
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी चीफ ममता बनर्जी ने एसआईआर के मुद्दे पर एक बार फिर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि हम शुरू से ही नागरिकों के अधिकारों और उनके वोटिंग अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं. उन्होंने कहा, ज्ञानेश कुमार ने देश भर के मतदाताओं के अधिकार वैनिश करने का आदेश दिया गया है इसलिए उनको वैनिश कुमार बोलती हूं.मैं उनका नाम नहीं लेती क्योंकि जिन्होंने लोगों को उनके अधिकारों से वंचित करने का काम किया है, मैं उन्हें माफ नहीं सकती हूं.’
ममता बनर्जी ने दावा किया कि एसआईआर पर कभी चर्चा नहीं हुई, लेकिन जब हमने पश्चिम बंगाल में लड़ाई शुरू की तब इस पर चर्चा हुई. उन्होंने कहा, ‘हम लोग पीड़ित को लेकर चुनाव आयोग के ऑफिस गए, लेकिन वहां उन्होंने हमारी बहुत बेइज्जती की. सितंबर 2025 तक बंगाल की हालत ये थी कि जैसे वहां राष्ट्रपति शासन लगा हो. बिहार में जब SIR प्रक्रिया पूरी हो गई थी, तब कांग्रेस और RJD ने वोटर लिस्ट से नाम हटाने का मुद्दा उठाया था, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. डिटेल्स को समझने की जरूरत थी. उन्होंने कोशिश की, लेकिन SIR के मामले में आपको हर चीज को बारीकी से देखना होता है.
बंगाल में वोटरों को डराया गया: ममता
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि सुरक्षाकर्मी घर-घर गए और बंगाल चुनावों में टीएमसी को वोट न देने के लिए लोगों को धमकाया. उन्होंने पश्चिम बंगाल में वोटरों के नाम हटाने का आरोप लगाया. उनका कहना है कि TMC द्वारा जीती गई सीटों वाले इलाकों में ज्यादा नाम हटाए गए. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों के लिए 2023 में लागू किए गए इम्युनिटी (सुरक्षा) प्रावधान पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने लोगों से वोट देने का अधिकार छीनने की कोशिश की, भारत की जनता उन्हें माफ नहीं करेगी.
ममता बनर्जी ने दी आंदोलन करने की चेतावनी
इंडिया गठबंधन की बैठक में ममता बनर्जी ने सीईसी ज्ञानेश कुमार को डाकू करार दिया और कहा कि उन्हें तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में वोट चोरी की गई और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद ईवीएम जलाकर सबूत नष्ट करने की कोशिश की गई. उन्होंने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो विपक्षी दल बड़ा आंदोलन करेंगे.
