इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिजली कनेक्शन पर स्वामित्व विवाद का असर न होने का दिया आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिजली कनेक्शन पर स्वामित्व विवाद का असर न होने का दिया आदेश

प्रयागराज:  इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने स्पष्ट किया है कि किसी मकान के स्वामित्व से संबंधित दीवानी मुकदमा लंबित होने के कारण बिजली कनेक्शन देने से इनकार नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अवधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने यह आदेश रायबरेली निवासी राकेश कुमार मिश्रा की याचिका पर दिया।

कोर्ट ने बिजली विभाग द्वारा 28 जुलाई 2026 को कनेक्शन के आवेदन को खारिज करने के आदेश को अवैध और मनमाना मानते हुए निरस्त कर दिया। बिजली विभाग ने आवेदन खारिज करने का कारण बताया कि स्वामित्व विवाद के चलते आवश्यक दस्तावेज नहीं दिए गए थे।

हाईकोर्ट ने कहा कि बिजली की सुविधा गरिमापूर्ण जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और मानवीय गरिमा से अलग नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने विद्युत आपूर्ति संहिता, 2005 के खंड 4.4 का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि आवेदक निर्धारित क्षतिपूर्ति बंधपत्र देने के लिए तैयार है, तो उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर विचार किया जाना चाहिए।

खंडपीठ ने इस मामले को नए सिरे से निर्णय लेने के लिए संबंधित अधिशासी अभियंता के पास भेज दिया है।

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