स्वच्छता ही सेवा अभियान को जन आंदोलन बनाएं: राघवेंद्र द्विवेदी
पंचायत सचिवों की समीक्षा बैठक में ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन और मॉडल ग्राम पंचायत बनाने पर जोर
सहारनपुर। उपनिदेशक पंचायत राघवेंद्र द्विवेदी ने कहा कि ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान को जन आंदोलन बनाने की जरूरत है। विकसित भारत की परिकल्पना स्वच्छता और उसके स्थायी प्रबंधन के रास्ते ही साकार हो सकती है। उन्होंने पंचायत सचिवों से ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने और ग्रे वॉटर मैनेजमेंट की दिशा में सार्थक पहल कर ग्राम पंचायतों को मॉडल बनाने की अपील की।
उपनिदेशक पंचायत राघवेंद्र द्विवेदी की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में ग्राम पंचायत सचिवों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने स्वच्छता अभियान सहित पंचायतों से जुड़े विभिन्न कार्यों की समीक्षा की और योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर दिया।
शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश
बैठक में उपनिदेशक पंचायत ने आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण और सूचना का अधिकार अधिनियम से संबंधित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को जनसरोकार से जुड़ी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कंसल्टिंग इंजीनियरों के भुगतान, पंचायत सचिवालयों के सौंदर्यीकरण और पंचायत सहायकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर जनहित से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू कर विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में योगदान दिया जाए।
बैठक में मंडलीय कंसल्टेंट हिमांशु त्यागी, मंडलीय डीपीएम लोकेश सिरोही, सभी सहायक विकास अधिकारी पंचायत तथा जनपद के ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा बैठक का संचालन जिला पंचायत राज अधिकारी प्रदीप कुमार द्विवेदी ने किया।
