‘पंडित समुदाय ने नरसंहार और…’, कश्मीरी पंडितों को लेकर बोले उपराज्यपाल मनोज सिन्हा
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार (28 अप्रैल) को एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने कश्मीरी पंडितों को लेकर बातचीत की है. उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडित समुदाय ने नरसंहार और विस्थापन जैसी पीड़ा झेलने के बावजूद अपनी संस्कृति, परंपरा, आस्था, शिक्षा और भाषा को सुरक्षित रखा.
‘द वेव्स ऑफ रेजिलिएंस: स्टोरी ऑफ रेडियो शारदा’ पुस्तक के विमोचन पर उन्होंने कहा कि समुदाय भौतिक संपत्ति पीछे छोड़कर मूल्यों की विरासत साथ लेकर आगे बढ़ा. उन्होंने कहा कि 2011 में शुरू हुआ ‘रेडियो शारदा’ दुनिया भर में बसे कश्मीरी पंडितों को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम बना.
उन्होंने आगे कहा कि इसने गीत, कहानियों और परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ कवियों, विद्वानों और कलाकारों को मंच प्रदान किया. सिन्हा ने कहा कि इस पहल और सरकारी प्रयासों ने युवाओं के लिए नए अवसर बनाए हैं. उन्होंने समुदाय के लोगों को उनके योगदान के लिए सम्मानित भी किया.
सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
सोशल मीडिया प्लेट्फॉर्म एक्स पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लिखा, आज शाम ‘द वेव्स ऑफ रेजिलियंस, स्टोरी ऑफ रेडियो शारदा’ नामक पुस्तक के विमोचन में भाग लेकर मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है. रेडियो शारदा के संस्थापक रमेश हांग्लू और इस पुस्तक को संकलित करने में योगदान देने वाले सभी लोगों को हार्दिक बधाई.
शेर-ए-कश्मीर कार्यक्रम में भी लिया हिस्सा
शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में मंगलवार को आयोजित सतत एवं जलवायु अनुकूल कृषि पारिस्थितिकी तंत्र: नवाचार एवं नीतिगत ढांचा विषय पर राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने हिस्सा लिया.
सम्मेलन को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने वैज्ञानिकों, नवप्रवर्तकों और अन्य हितधारकों से जलवायु अनुकूलता विकसित करने और सतत कृषि पारिस्थितिकी तंत्रों को रूपांतरित करने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया.
उपराज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत इस लड़ाई में अग्रणी है और 2024-25 में कृषि उत्पादन 357 मिलियन टन तक पहुंच गया, जो 2023-24 की तुलना में 25 मिलियन टन अधिक है, जिसमें बागवानी का उत्पादन 362 मिलियन टन रहा, उच्च मूल्य वाली फसलों का विविधीकरण भी शामिल है.
