लॉकडाउन: दो श्रमिकों की मौत से गांव में छाया मातम, शव पहुंचते ही परिजनों में मचा कोहराम

 

झारखंड में लॉकडाउन में फंसे दो श्रमिकों की मौत और पांच श्रमिकों के घायल होने से बिजनौर के दो गांवों में मातम छाया हुआ है। दोनों शव और घायल मंगलवार रात नजीबाबाद पहुंचे। दोनों युवकों के शव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

ग्राम पंचायत जालबपुर गूदड़ के गांव खुशहालपुर मड़का निवासी भीषम का 22 वर्षीय पुत्र रोहित और बेगमपुर शादी निवासी राम सिंह के 18 वर्षीय पुत्र पवन की रांची झारखंड में ट्रक पलटने से मौत हो गई थी। जबकि उनके पांच साथी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलों में चंद्रपाल, चमन, विक्की, प्रेम, शिवकुमार शामिल हैं। मृतक मजदूर और उनके साथी टाटानगर में ठेकेदार की निगरानी में बिजली की लाइन खींचने का काम करते थे। लॉकडाउन में लंबे समय तक फंसने के बाद भूख से परेशान श्रमिक नजीबाबाद लौट रहे थे। परिजनों ने किराया न होने पर हाल ही में उन्हें 15-15 सौ रुपये भेजे थे। लौटते समय श्रमिक हादसे का शिकार हो गए। गांव बेगमपुर शादी निवासी पवन अपने संबंधी रोहित के साथ मजदूरी के लिए झारखंड गया था।

रांची प्रशासन को ग्राम प्रधानपति ने चेताया  
झारखंड के रामगढ़- रांची के बीच हादसे के करीब आठ घंटे बाद तक मृतक और घायलों की किसी ने सुध नहीं ली। खुशहालपुर निवासी हादसे में घायल प्रेम ने होश आने पर ग्राम प्रधानपति हिमांशु राजपूत को फोन पर घटना की जानकारी दी। प्रधानपति ने इंटरनेट के जरिए रांची के कमिश्नर और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना देकर इलाज की व्यवस्था कराई। डीएम बिजनौर रमाकांत पांडेय ने तत्काल रांची डीएम से संपर्क कर मृतकों का पोस्टमार्टम करा नजीबाबाद भेजने का पास जारी कराया।

60 हजार में पहुंचे मृतक और घायल 
रांची में दुर्घटना में हादसे का शिकार हुए श्रमिक को नजीबाबाद पहुंचाने के लिए रांची से प्राइवेट एंबुलेंस में 60 हजार रुपये का सौदा किया। 30 हजार रुपये ठेकेदार और बाकी धनराशि ग्रामीणों ने चंदे से जुटाई। सभी मजदूरपेशा परिवारों की आर्थिक स्थिति काफी खराब है।

 
 

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